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Inayat Shayari

Khuda ki inayat ho ya apno ki, dil isi se jeeta hai.

Inayat shayari mein khuda ki meherbani ko ishq ka darja diya gaya hai, jahan sitam bhi meherbani se kam nahi lagta. Isi kashish mein Gunaah shayari bhi padhein.

Inayat Shayari - Ishq Aur Khuda Ki Mehrbani

शिकवा तो एक छेड़ है लेकिन हकीकतन
तेरा सितम भी तेरी इनायत से कम नहीं

Shikava to ek chhed hai lekin hakeekatan
Tera sitam bhee teree inaayat se kam nahin

Jigar Moradabadi

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ख़ुद से दिल खोल कभी ख़ुद की शिकायत करना...
तुम्हे आ जाएगा औरों पे इनायत करना...!!

Khud se dil khol kabhee khud kee shikaayat karana...
Tumhe aa jaega auron pe inaayat karana...!!

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इश्क़ इनायत है खुदा की

इश्क़ इनायत है खुदा की..
तो मैं गुनाहगार कैसे...!!

Ishq inaayat hai khuda kee..
To main gunaahagaar kaise...!!

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Frequently Asked Questions

'शिकवा और इनायत' वाली शायरी में महबूब के सितम को क्या दर्जा दिया गया है?
एक शेर कहता है, "शिकवा तो एक छेड़ है लेकिन हकीकतन, तेरा सितम भी तेरी इनायत से कम नहीं।" यह प्रेम के उस गहरे अंदाज़ को दिखाता है जहाँ महबूब की सख्ती और नाराज़गी को भी उसकी मेहरबानी जितना ही कीमती माना जाता है - Ishq के गहरे जज़्बात की मिसाल।
'खुद से शिकायत करना' वाली शायरी में इनायत की क्या सीख है?
शेर कहता है, "ख़ुद से दिल खोल कभी ख़ुद की शिकायत करना... तुम्हे आ जाएगा औरों पे इनायत करना...!!" यह सिखाती है कि जब इंसान खुद की भी ईमानदारी से आलोचना करना सीख लेता है, तभी वह दूसरों पर सच्ची मेहरबानी कर पाता है - Khud पर आत्म-मंथन की एक गहरी बात।
'इश्क़ खुदा की इनायत है' वाली शायरी का क्या भाव है?
शेर कहता है, "इश्क़ इनायत है खुदा की.. तो मैं गुनाहगार कैसे...!!" यह इश्क़ को गुनाह नहीं बल्कि खुद खुदा की एक मेहरबानी मानने का भाव दिखाता है, जिसमें प्रेम करने वाले को Gunaah यानी दोषी ठहराए जाने पर सवाल उठाया गया है।
इनायत शायरी में इश्क़ के अलावा और कौन से भाव शामिल हैं?
इनायत का भाव इस विषय में सिर्फ इश्क़ तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्म-मंथन और खुद की गलतियां स्वीकारने से जुड़ी सीख भी शामिल है। ऐसी छोटी पर गहरी शायरियाँ 2 Line सेक्शन में भी देखी जा सकती हैं।

Ek sher yahan khud se dil khol kar shikayat karne aur doosron par inayat karne ki seekh deta hai. Aage Dil aur Hak shayari bhi padhein.