साहस पर अनमोल वचन
निडरता, दृढ़ता और स्वामी विवेकानंद के विचारों पर आधारित प्रेरणा।
बहादुरी जन्म से किसी में नहीं होती, बल्कि हर बार अपने भय को आँख दिखाने पर वह भीतर थोड़ी-थोड़ी करके पनपती जाती है, और झूठ की भीड़ के सामने अकेले सच के साथ डटकर खड़ा होना ही वह सच्ची हिम्मत मानी जाती है। ऐसे प्रेरक कोट्स यहाँ पढ़े जा सकते हैं।
जो व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर सहायता माँगने का साहस रखता है, वह उतना ही मजबूत है जितना कोई कठिनाई से एकल लड़ने वाला।
किसी से लड़ने के लिए जो साहस चाहिए, उससे कहीं अधिक साहस स्वयं को बदलने और अपनी गलती मानने के लिए चाहिए।
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कुछ सबसे बड़े साहसी कार्य बिना किसी शोर के किए जाते हैं; उनकी गूंज शब्दों से कहीं अधिक ऊँची सुनाई देती है।
शक्ति ही जीवन है, दुर्बलता ही मृत्यु है; साहस के साथ खड़े रहो, यही धर्म और सत्य का मार्ग है। — स्वामी विवेकानंद
Man Shayari
साहस का अर्थ डर का न होना नहीं है, बल्कि डर के होते हुए भी सही मार्ग पर कदम बढ़ाने की हिम्मत रखना है।
हर बड़ा साहसी कार्य उस एक कठिन कदम से शुरू होता है, जिसे उठाने से पहले हृदय सबसे अधिक काँपता है।
जब पूरी दुनिया एक झूठ के साथ खड़ी हो, तब सत्य के लिए अकेले खड़े रहना ही सबसे बड़ा साहस होता है।
साहस कोई जन्मजात गुण नहीं, बल्कि हर बार जब तुम अपने डर का सामना करते हो, तब यह थोड़ा-थोड़ा करके बढ़ता जाता है।
Frequently Asked Questions
Do these quotes equate courage with loud, visible action?
Is courage treated as something you're born with?
What's called the greatest form of courage here?
निडरता का मतलब यह नहीं कि भय बिल्कुल महसूस ही न हो, बल्कि भय के बीच भी सही दिशा में डटकर आगे बढ़ पाना ही असली हिम्मत कहलाती है। स्वामी विवेकानंद ने बल को जिजीविषा का प्रतीक और दुर्बलता को उसके ठीक विपरीत बताया था, यही भाव ऐसे ओजस्वी सुविचार में झलकता है।
