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Vyavahar Anmol Vachan

सही आचरण और व्यवहार का महत्व समझाने वाले अनमोल वचन।

इस संग्रह में व्यक्तित्व और व्यवहार के बीच का फ़र्क़ स्पष्ट किया गया है, यह बताते हुए कि व्यक्तित्व अपना होता है जबकि व्यवहार दूसरे के रवैये से तय होता है, जिसे shayari में भी उतारा गया है। महात्मा गांधी का यह विचार भी शामिल है कि किसी देश की महानता उसके पशुओं के प्रति व्यवहार से आँकी जा सकती है। पेड़ डाली नहीं बल्कि जड़ कटने से सूखता है, ठीक वैसे ही इंसान गलत सोच से हारता है, यह उपमा भी यहाँ मिलती है।

मेरे व्यक्तित्व और मेरे व्यवहार को
कभी मत मिलाईयेगा !!
क्योंकि मेरा व्यक्तित्व मैं हूँ
और मेरा व्यवहार आप पर निर्भर करता है!!

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एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है,
कि वहां जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है...

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राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना,
देश की उन्नति के लिए आवश्यक है..

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इस तरह से अपना व्यवहार रखना चाहिए कि अगर कोई तुम्हारे बारे में बुरा भी कहे, तो कोई भी उस पर विश्वास न करे।

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Desh Shayari

पेड़ कभी डाली काटने से नहीं सूखता
पेड़ हमेशा जड़ काटने से सूखता है……..
वैसे ही इंसान अपने कर्म से नहीं
बल्कि अपने छोटी सोच और गलत व्यवहार से हारता है…… !!!!

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शत्रु को सदैव भ्रम में रखना चाहिए । जो उसका अप्रिय करना चाहते हो तो उसके साथ सदा मधुर व्यवहार करो, उसके साथ मीठा बोलो । शिकारी जब हिरण का शिकार करता है तो मधुर गीत गाकर उसे रिझाता है,...

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Frequently Asked Questions

How do these lines separate personality from behavior?
Personality is who you are, one line says, while your behavior toward others depends on how they treat you.
What's used here as a measure of a nation's moral progress?
How it treats animals - the samples call that treatment a real gauge of a country's greatness and ethical growth.
Do all four samples stay focused on personal conduct?
Not quite - one line is really about using Hindi in national life rather than interpersonal behavior, so the set mixes conduct toward people and animals with a separate point about language. More sits under Gyaan.

आचरण ऐसा रखने की सलाह दी गई है कि कोई बुराई कहे तो भी उस पर कोई विश्वास न करे। चाणक्य-परंपरा की एक क्लासिक रणनीति भी यहाँ है, जो शत्रु से मीठा व्यवहार रखकर उसे भ्रम में डालने की पुरानी नीति बताती है, इसे ज्ञान से जुड़े वचनों के साथ भी पढ़ा जा सकता है।