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Samandar Shayari

Kinare khade rehne walon ko samandar kabhi samajh nahi aata.

Samandar shayari mein har kisi ke andar ek gehra samandar chhupa hota hai, jahan band seepiyon mein moti jaisi khoobsurat basti basti hai. Isi gehrai mein Bastee shayari bhi padhein.

है एक गहरा समन्दर मेरे भीअंदर
बंद सीपो मे जहा मोतीयो की बस्ती है!!!!

Hai ek gahara samandar mere bheeandar
Band seepo me jaha moteeyo kee bastee hai!!!!

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मैं खोलता हूँ सदफ़ मोतियों के चक्कर में
मगर यहाँ भी समन्दर निकलने लगते हैं !!

Main kholata hoon sadaf motiyon ke chakkar mein
Magar yahaan bhee samandar nikalane lagate hain !!

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गरीब लहरों पे पहरे बिठाए जाते हैं...
समन्दरों की तलाशी कोई नहीं लेता...!!

Gareeb laharon pe pahare bithae jaate hain...
Samandaron kee talaashee koee nahin leta...!!

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समन्दर में उतर जाते हैं, जो हैं तैरने वाले...
किनारे पर भी डरते हैं, तमाशा देखने वाले...!!

Samandar mein utar jaate hain, jo hain tairane vaale... kinaare par bhi darate hain, tamasha dekhane waale...!!

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Frequently Asked Questions

"समंदर" को इस शायरी में किस रूपक की तरह इस्तेमाल किया गया है?
यहाँ समंदर इंसान के भीतर छिपी गहराई और भावनाओं का प्रतीक है। जैसा एक पंक्ति कहती है — "है एक गहरा समन्दर मेरे भी अंदर, बंद सीपो मे जहा मोतीयो की बस्ती है!!!!" यानी हर इंसान के अंदर एक अनदेखी गहराई और खूबियाँ छिपी होती हैं।
सीपियों और मोतियों का ज़िक्र क्यों बार-बार आता है?
"मैं खोलता हूँ सदफ़ मोतियों के चक्कर में, मगर यहाँ भी समन्दर निकलने लगते हैं !!" यह दिखाता है कि इंसान अंदर की सच्चाई खोजने के Chakkar में निकलता है, लेकिन हर परत के नीचे एक और गहराई मिल जाती है।
क्या यह शायरी सामाजिक असमानता की बात भी करती है?
हाँ, "गरीब लहरों पे पहरे बिठाए जाते हैं... समन्दरों की तलाशी कोई नहीं लेता...!!" यह पंक्ति दिखाती है कि कमज़ोर तबके पर तो पाबंदियाँ लगाई जाती हैं, लेकिन ताकतवर लोगों से कोई सवाल नहीं पूछता। यह भाव Gareeb शायरी में भी अक्सर मिलता है।
शायरी में हिम्मत और डर की तुलना कैसे की गई है?
"समन्दर में उतर जाते हैं, जो हैं तैरने वाले... किनारे पर भी डरते हैं, तमाशा देखने वाले...!!" यह पंक्ति बताती है कि असली हिम्मत वाले जोखिम उठाकर आगे बढ़ते हैं, जबकि बाकी लोग Dar के मारे किनारे बैठकर सिर्फ देखते रहते हैं।
यह शायरी किस अंदाज़ में सबसे ज्यादा शेयर की जाती है?
गहरी और सोच में डालने वाली इन पंक्तियों को अक्सर संक्षिप्त 2 Line रूप में शेयर किया जाता है, ताकि भाव कम शब्दों में पूरी गहराई के साथ पहुंचे।

Ek sher yahan tairna jaanne walon ko hi samandar mein utarte dikhata hai, jabki kinare par khade tamashbeen dar ke maare peeche reh jaate hain, to doosra khud ke andar hi ek samandar mil jaane ki baat karta hai. Aage Dar aur Chakkar shayari bhi padhein.