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Maykhane Shayari

Ishq ka nasha bhi kisi maikhane se kam nahi hota.

Maykhane shayari mein nazron ka rang chhalakta hua koi pyaala jaisa mehsoos hota hai, jahan aankh yun khulti hai jaise maikhane ka dar khula ho. Isi rang mein Aankh shayari bhi padhein.

देखा है मेरी नजरों ने, एक रंग छलकते पैमाने का,
यूँ खुलती है आंख किसी की, जैसे खुले दर मैखाने का।

Dekha hai meree najaron ne, ek rang chhalakate paimaane ka,
Yoon khulatee hai aankh kisee kee, jaise khule dar maikhaane ka.

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जन्नत वाले थोड़ा पहले उतरेंगे...
रिंदो को तो मैखाने तक जाना है...!!

Jannat vaale thoda pahale utarenge...
Rindo ko to maikhaane tak jaana hai...!!

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मत पूछ उसके मैखाने का पता ऐ साकी ,
उसके शहर का तो पानी भी नशा देता है...

Mat poochh usake maikhaane ka pata ai saakee ,
Usake shahar ka to paanee bhee nasha deta hai...

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सुना है मोहब्बत कर ली तुमने भी,
अब किधर मिलोगे, पागलखाने या मैखाने?

Suna hai mohabbat kar lee tumane bhee,
Ab kidhar miloge, paagalakhaane ya maikhaane?

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Aankh Shayari

मोहब्बत करते कैसे हम जो मैखाने नहीं होते,
छलक आयी जो आँखों से तो हमने मयकशी की है !!

Mohabbat karate kaise ham jo maikhaane nahin hote,
Chhalak aayee jo aankhon se to hamane mayakashee kee hai !!

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Frequently Asked Questions

किसी की नज़रों में पैमाने का रंग छलकने को मैखाने का दर खुलने जैसा बताने वाली शायरी कौन सी है?
"देखा है मेरी नजरों ने, एक रंग छलकते पैमाने का, यूँ खुलती है आंख किसी की, जैसे खुले दर मैखाने का।" — यह पारंपरिक शायराना अंदाज़ में लिखी शायरी है, जिसमें किसी की नज़रों में पैमाने का रंग छलकना मानो मैखाने का दर खुलने जैसा बताया गया है।
जन्नत वालों के पहले उतरने और रिंदों के मैखाने तक जाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"जन्नत वाले थोड़ा पहले उतरेंगे... रिंदो को तो मैखाने तक जाना है...!!" — यह शायरी क्लासिक उर्दू शायराना रूपक में कहती है कि जन्नत वाले थोड़ा पहले उतरेंगे, पर रिंदों को तो मैखाने तक ही जाना है।
साकी से मैखाने का पता न पूछने और उस शहर का पानी भी नशा देने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"मत पूछ उसके मैखाने का पता ऐ साकी , उसके शहर का तो पानी भी नशा देता है..." — यह शायरी साकी से मैखाने का पता न पूछने को कहती है, क्योंकि उस शहर का तो पानी भी नशा दे देता है।
मोहब्बत करने के बाद पागलखाने या मैखाने में मिलने का सवाल पूछने वाली शायरी कौन सी है?
"सुना है मोहब्बत कर ली तुमने भी, अब किधर मिलोगे, पागलखाने या मैखाने?" — यह हल्के-फुल्के अंदाज़ में लिखी शायरी मोहब्बत कर लेने के बाद पूछती है कि अब पागलखाने में मिलोगे या मैखाने में।
Maykhane से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Aankh, Hindi, Love और Man शायरी पढ़ सकते हैं।

Ek sher yahan yeh bhi poochta hai ki maikhane bina mohabbat kaise hoti, aankhon se chhalki boondein hi to asli maykashi hai. Aage Ham aur Log shayari bhi padhein.