ध्यान अनमोल वचन
एकाग्रता और गुरु-ज्ञान के वचन।
पहले अनदेखा किया जाना, फिर हंसी उड़ाई जाना, उसके बाद विरोध — यही सफर आख़िर में जीत तक ले जाता है, ऐसा इस topic के वचन Zindagi के हवाले से बताते हैं।
गुरु बिना ज्ञान नहीं ज्ञान बिना आत्मा नहीं,
ध्यान, ज्ञान, धैर्य और कर्म सब गुरु की ही देन है।
गुरु पूर्णिमा की शुभ कामनायें!
पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे,
फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे...
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यदि देशहित मरना पड़े
मुझे सहस्रों बार भी,
तो भी न मैं इस कष्ट को निज ध्यान में लाऊं
कभी. हे ईश भारतवर्ष में शत बार मेरा जन्म हो,
कारण सदा ही मृत्यु का देशोपकारक कर्म हो.......
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Frequently Asked Questions
What theme do these dhyan anmolvachan quotes cover?
Does one of these lines describe overcoming being ignored?
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