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Chandi Shayari

Kabhi Rajasthan ka aasman, kabhi Dhanteras ki chamak - sab chandi jaisa.

Chandi shayari mein Rajasthan ki dharti aur us par chhaya chandi jaisa aasman fakhr se bayaan hota hai, is dharti ka rang hi kuch alag hai. Isi rang mein Hindi shayari bhi padhein.

Chandi Shayari - Chaandi Jaisi Chamak Ke Sher

रंगीलो रस भरियो म्हारो प्यारो राजस्थान...
सोने री धरती जठे चाँदी रो आसमान...!!
सभी को #राजस्थान_दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं...!!

Rangeelo ras bhariyo mhaaro pyaaro raajasthaan...
Sone ree dharatee jathe chaandee ro aasamaan...!!
Sabhee ko #raajasthaan_divas kee haardik shubhakaamanaen...!!

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परिवार को धनतेरस की बधाई

सोने का रात, चाँदी की पालकी
बैठ कर जिसमे आई लक्ष्मी मा
आई देने आपको और आपके
परिवार को धनतेरस की बधाई.

Sone ka raat, chaandee kee paalakee
Baith kar jisame aaee lakshmee ma
Aaee dene aapako aur aapake
Parivaar ko dhanateras kee badhaee.

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बुरे वक्त में ही सबके असली रंग दिखते हैं
दिन के उजाले में तो पानी भी चांदी लगता है…!!

Bure vakt mein hee sabake asalee rang dikhate hain
Din ke ujaale mein to paanee bhee chaandee lagata hai…!!

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Frequently Asked Questions

राजस्थान दिवस पर चाँदी का ज़िक्र करने वाली शायरी क्या कहती है?
एक शायरी राजस्थान की खूबसूरती का बखान करती है - "रंगीलो रस भरियो म्हारो प्यारो राजस्थान... सोने री धरती जठे चाँदी रो आसमान...!! सभी को राजस्थान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।" यहाँ चाँदी का इस्तेमाल राजस्थान की धरती और आसमान की चमक-दमक बयां करने के लिए हुआ है।
धनतेरस पर चाँदी की पालकी वाली शायरी में क्या शुभकामना दी गई है?
एक शायरी में लिखा है, "सोने का रात, चाँदी की पालकी, बैठ कर जिसमे आई लक्ष्मी मा, आई देने आपको और आपके परिवार को धनतेरस की बधाई।" यहाँ चाँदी की पालकी में सवार माँ लक्ष्मी की कल्पना के ज़रिए धन-समृद्धि की शुभकामना दी गई है, जो Maa से जुड़े भक्ति भाव को भी छूती है।
'दिन के उजाले में पानी भी चांदी लगता है' का क्या अर्थ है?
शेर कहता है, "बुरे वक्त में ही सबके असली रंग दिखते हैं, दिन के उजाले में तो पानी भी चांदी लगता है।" इसका मतलब है कि अच्छे समय में सब कुछ बढ़िया और कीमती दिखता है, लेकिन असली सच्चाई और लोगों का असली रंग बुरे वक्त में ही सामने आता है।
चाँदी शायरी किन त्योहारों से जुड़ी है?
चाँदी की शायरियाँ ज़्यादातर राजस्थान दिवस और धनतेरस जैसे मौकों पर धन-समृद्धि और चमक-दमक की शुभकामना देने के लिए लिखी जाती हैं। ऐसी ही Hindi शायरी और चाँद से जुड़े भाव Chand सेक्शन में भी देखे जा सकते हैं।

Ek sher Dhanteras par chandi ki paalki mein Lakshmi maa ke aane ki khushi baantata hai, to doosra bure waqt mein hi asli rang dikhne ki baat kehte hue paani ko bhi chandi jaisa chamakte dikhata hai. Aage Chand aur Din shayari bhi padhein.