Logo - Feel The Words

Jalebi Shayari

Zindagi jalebi si, tedhi bhi meethi bhi.

Jalebi shayari mein zindagi ko jalebi ka aakar dekar uljhanon ke baad bhi meethaas baantne ki seekh milti hai. Isi soch mein Jeevan shayari bhi padhein.

Jalebi Shayari - Zindagi Ki Meethi Uljhan Ke Sher

जीवन को जलेबी का आकार दो,
तमाम उलझनों के बाद भी मिठास बाँट दो.

Jeevan ko jalebee ka aakaar do,
Tamaam ulajhanon ke baad bhee mithaas baant do.

Read more...

जलेबी की तरह बनेंगे,
टेढ़े, मीठे, रसीले और महँगे.

Jalebee kee tarah banenge,
Tedhe, meethe, raseele aur mahange.

Read more...

उलझनें मीठी भी हो सकती हैं

उलझनें मीठी भी हो सकती हैं,
जलेबी को ही देख लो...!

Ulajhanen meethee bhee ho sakatee hain,
Jalebee ko hee dekh lo...!

Read more...

Frequently Asked Questions

जलेबी शायरी में जिंदगी की तुलना जलेबी से क्यों की जाती है?
जलेबी शायरी में जिंदगी की तुलना जलेबी से इसलिए की जाती है क्योंकि दोनों में उलझनें होती हैं, लेकिन दोनों आखिर में मिठास ही छोड़ जाती हैं, जैसे “जीवन को जलेबी का आकार दो, तमाम उलझनों के बाद भी मिठास बाँट दो” पंक्ति में कहा गया है। ज़िंदगी से जुड़े ऐसे ही गहरे भावों के लिए Jeevan शायरी भी पढ़ी जा सकती है।
जलेबी पर शायरी हिंदी में क्या संदेश देती है?
जलेबी पर शायरी हिंदी में यह संदेश देती है कि इंसान चाहे कितना भी टेढ़ा, मीठा या महंगा हो जाए, उसकी असली पहचान और कद्र वैसी ही बनी रहनी चाहिए जैसे जलेबी की अपनी खासियत होती है। किसी की सही कद्र समझने से जुड़े भावों के लिए Kadar शायरी भी पढ़ी जा सकती है।
जलेबी क्वोट्स इन हिंदी में टेढ़े-मीठे होने का क्या मतलब है?
जलेबी क्वोट्स इन हिंदी में टेढ़े-मीठे होने का मतलब है कि इंसान का स्वभाव भी जलेबी जैसा हो सकता है, यानी थोड़ा घुमावदार और मुश्किल लेकिन अंदर से मीठा और अपना, जैसे “टेढ़े, मीठे, रसीले और महँगे” पंक्ति में कहा गया है। इश्क़ में भी अक्सर यही टेढ़ापन और मिठास साथ-साथ चलती है, इसके लिए Ishq शायरी भी पढ़ी जा सकती है।
उलझनों को जलेबी जैसा मीठा बताने वाली शायरी का भाव क्या है?
उलझनों को जलेबी जैसा मीठा बताने वाली शायरी का भाव यह है कि हर उलझन बुरी नहीं होती, कई बार वही उलझन जिंदगी में मिठास भी घोल देती है, जैसे “उलझनें मीठी भी हो सकती हैं, जलेबी को ही देख लो” पंक्ति में कहा गया है। प्यार में आने वाली ऐसी ही मीठी उलझनों के लिए Love शायरी भी पढ़ी जा सकती है।
जलेबी शायरी किन मौकों पर शेयर की जा सकती है?
जलेबी शायरी त्योहारों, मिलने-जुलने के मौकों या किसी को हल्के-फुल्के अंदाज़ में जिंदगी की सीख देने के लिए शेयर की जा सकती है, क्योंकि इसमें गंभीर बात भी मज़ेदार तरीके से कही जाती है। मीठे पलों और मिठाइयों से जुड़ी ऐसी ही शायरी के लिए Mithai शायरी का कलेक्शन भी देखा जा सकता है।

Ek sher yahan tedhe, meethe aur mehnge banne ki khwahish jalebi jaisi bataata hai, to doosra uljhano ko bhi meethi maanta hai. Aage Ishq aur Kadar shayari bhi padhein.