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Maanav Anmolvachan

मानवता और भाईचारे की सीख देते विचार।

इंसानियत को कभी शक की नज़र से नहीं देखना चाहिए, चंद बुरे लोगों की वजह से पूरी मानवजाति पर सवाल खड़ा करना ठीक नहीं। समाज और परिवार से जुड़े और विचार भरोसा अनमोलवचन में भी पढ़ें।

न तो देर है, न अंधेर है .. रे मानव!
तेरे कर्मों का सब फेर है .. शुभ रात्रि।

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गरीबी दैवी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है...

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आप मानवता में विश्वास मत खोइए। मानवता सागर की तरह है,
अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता...

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धर्म और व्यावहारिक जीवन अलग नहीं हैं। सन्यास लेना जीवन का परित्याग करना नहीं है। असली भावना सिर्फ अपने लिए काम करने की बजाये देश को अपना परिवार बना मिलजुल कर काम करना है। इसके बाद का कदम मानवता की...

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Adhikaar Shayari

मानव स्वभाव ही ऐसा है कि हम बिना उत्सवों के नहीं रह सकते. उत्सव प्रिय होना मानव स्वभाव है. हमारे त्यौहार होने ही चाहियें।

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क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है. स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है. श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है।

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मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।

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राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्शों सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम् से प्रेरित है।

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आपको मानवता पर भरोसा नहीं खोना चाहिए। मानवता एक समुद्र है और अगर समुद्र की कुछ बूंदें मैली हो जाएं, तो समुद्र मैला नहीं हो जाता।

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Frequently Asked Questions

Do actions eventually catch up with a person, per this sample?
Yes - the quote says nothing is delayed and nothing goes unaccounted for; a person's own deeds always come back around.
Is poverty framed as fate or as something man-made?
The sample calls poverty not a divine curse but a man-made conspiracy, shifting responsibility from fate to human systems.
How do these quotes defend faith in humanity overall?
Humanity is compared to an ocean: a few dirty drops within it don't make the whole ocean dirty, an argument against giving up on people in general.

उत्सव मनाना और मिलजुल कर रहना इंसान के स्वभाव में ही बसा है, यही भाव त्योहारों और सामूहिकता की अहमियत को दर्शाता है। ऐसे ही भाव और अधिकार से जुड़े विचार अधिकार अनमोलवचन पर पढ़ें।