महिमा पर अनमोल वचन
गुरु की महिमा और उसके मार्गदर्शन पर आधारित भावपूर्ण विचार।
जीवन में जब भी भटकाव आया, गुरु ने ही सही दिशा दिखाकर राह रोशन की, यही उनकी अद्भुत महिमा मानी जाती है। ऐसे मार्गदर्शन से मिलने वाला ज्ञान जीवन को नई दृष्टि और समझ देता है।
गुरुवर के चरणों में रहकर,
हमने शिक्षा पाई है।
गलत राह पर भटके जब हम,
तो गुरुवर ने राह दिखाई है,
गुरु की महिमा न्यारी है।।
जब भी करते गलत कार्य हम,
तब पिटाई भी लगाई है।
सद्मार्ग पर चलें सभी हम,
बात सदा दोहराई है,
गुरु की महिमा न्यारी है।
Popular Shayari Topics for You.
Charitr Shayari
माता-पिता ने जन्म दिया पर
गुरु ने जीने की कला सिखाई है।
ज्ञान चरित्र और संस्कार की,
हमने शिक्षा पाई है,
गुरु की महिमा न्यारी है।।
"गुरुपूर्णिमा" गुरु की महिमा अपरम्पार है !
गुरु गूंगे गुरु बाबरे गुरु के रहिये दास,
गुरु जो भेजे नरक को, स्वर्ग कि रखिये आस !
गुरु चाहे गूंगा हो चाहे गुरु बाबरा हो (पागल हो) गुरु के हमेशा दास रहना...
संसार में जितने भी बड़े आदमी हुए हैं,
उनमें से अधिकतर ब्रह्मचर्यं के प्रताप से ही बने हैं
और सैकड़ों-हजारों वर्षों बाद भी उनका यशोगान करके मनुष्य
पने आपको कृतार्थ करते हैं.
ब्रह्मचर्यं की महिमा यदि जाननी हो तो
परशुराम,...
Frequently Asked Questions
Whose devotion to a guru is referenced in these verses?
What role does correction play in the guru relationship here?
How is the guru's influence on the future described?
संसार के अनेक महापुरुष अनुशासन और संयम के बल पर ही महान बने और सदियों बाद भी उनका नाम आदर से लिया जाता है। ऐसे गुणों से बना मज़बूत चरित्र ही किसी भी महिमा की असली नींव होता है।
