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महिमा पर अनमोल वचन

गुरु की महिमा और उसके मार्गदर्शन पर आधारित भावपूर्ण विचार।

जीवन में जब भी भटकाव आया, गुरु ने ही सही दिशा दिखाकर राह रोशन की, यही उनकी अद्भुत महिमा मानी जाती है। ऐसे मार्गदर्शन से मिलने वाला ज्ञान जीवन को नई दृष्टि और समझ देता है।

गुरुवर के चरणों में रहकर,
हमने शिक्षा पाई है।
गलत राह पर भटके जब हम,
तो गुरुवर ने राह दिखाई है,
गुरु की महिमा न्यारी है।।

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जब भी करते गलत कार्य हम,
तब पिटाई भी लगाई है।
सद्‍मार्ग पर चलें सभी हम,
बात सदा दोहराई है,
गुरु की महिमा न्यारी है।

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आरूणि की गुरुभक्ति से,
हमने शिक्षा पाई है।
कबीर जैसे महान संत ने
गुरु की महिमा गाई है।

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गुरु की महिमा है अगम, गाकर तरता शिष्य.
गुरु कल का अनुमान कर, गढ़ता आज भविष्य

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Charitr Shayari

माता-पिता ने जन्म दिया पर
गुरु ने जीने की कला सिखाई है।
ज्ञान चरित्र और संस्कार की,
हमने शिक्षा पाई है,
गुरु की महिमा न्यारी है।।

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"गुरुपूर्णिमा" गुरु की महिमा अपरम्पार है !

गुरु गूंगे गुरु बाबरे गुरु के रहिये दास,
गुरु जो भेजे नरक को, स्वर्ग कि रखिये आस !

गुरु चाहे गूंगा हो चाहे गुरु बाबरा हो (पागल हो) गुरु के हमेशा दास रहना...

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संसार में जितने भी बड़े आदमी हुए हैं,
उनमें से अधिकतर ब्रह्मचर्यं के प्रताप से ही बने हैं
और सैकड़ों-हजारों वर्षों बाद भी उनका यशोगान करके मनुष्य
पने आपको कृतार्थ करते हैं.
ब्रह्मचर्यं की महिमा यदि जाननी हो तो
परशुराम,...

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Frequently Asked Questions

Whose devotion to a guru is referenced in these verses?
The verses cite Aruni's devotion to his guru as a teaching example, alongside a Kabir couplet praising the guru's greatness - both drawn from the long-standing guru-shishya tradition.
What role does correction play in the guru relationship here?
One verse notes that wrongdoing was met with correction too, framing discipline as part of how the guru kept disciples on the right path.
How is the guru's influence on the future described?
A cited Kabir couplet says the guru shapes tomorrow by envisioning it in the present, giving the disciple's future its direction. Related devotional content is under Bhakti.

संसार के अनेक महापुरुष अनुशासन और संयम के बल पर ही महान बने और सदियों बाद भी उनका नाम आदर से लिया जाता है। ऐसे गुणों से बना मज़बूत चरित्र ही किसी भी महिमा की असली नींव होता है।