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Vishwas Shayari

Khud par vishwas hi sabse badi taakat hai, kabhi mat khona.

Vishwas shayari mein bharat ke gantantra ki shaan har dashak mein khilti dikhti hai, sab dharmon ko saath lekar rachi gayi is kahani mein har deshwasi ka gehra vishwas hai. Isi vishwas mein Haar shayari bhi padhein.

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान,
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान !!
सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास,
इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास !!

Bharat ke ganatantra, saare jag mein maan,
Darshakon se khil rahee, usakee adbhut shaan !!
Sab dharmon ko dekar maan racha gaya itihaas,
Isiliye har deshavaasee ko isamen hai vishvaas !!

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सबसे बड़ी कमजोरी किसी के आगे रोना है,
सबसे बड़ी हानि आत्मविश्वास को खोना है.

Sabase badee kamajoree kisee ke aage rona hai,
Sabase badee haani aatmavishvaas ko khona hai.

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काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी,
टूटे ना कभी डोर विश्वास की,
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी,
जैसे पतंग छूती है ऊंचाइयां आसमान की.
मकर संक्राति की हार्दिक शुभकामनाएं!!

Kaat na sake kabhee koee patang aapakee,
Toote na kabhee dor vishvaas kee,
Chhoo lo aap zindagee kee saaree kaamayaabee,
Jaise patang chhootee hai oonchaiyaan aasamaan kee.
Makar sankraati kee haardik shubhakaamanaen !!

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कंकर-कंकर मेरा शंकर,
मैं लहर-लहर अविनाशी हूँ,
मैं काशी हूँ, मैं काशी हूँ,
मैं काशी हूँ , मैं काशी हूँ.
– कुमार विश्वास

Kankar-kankar mera shankar,
Main lahar-lahar avinaashee hoon,
Main kaashee hoon, main kaashee hoon,
Main kaashee hoon , main kaashee hoon.
– kumaar vishvaas

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Frequently Asked Questions

भारत के गणतंत्र की शान और सब धर्मों को मान देकर रचे गए इतिहास पर हर देशवासी के विश्वास की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान, दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान !! सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास, इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास !!" — यह गणतंत्र दिवस की शायरी भारत के गणतंत्र की अद्भुत शान और सभी धर्मों को मान देकर रचे गए इतिहास पर हर देशवासी के गहरे विश्वास की बात करती है।
किसी के आगे रोने को सबसे बड़ी कमजोरी और आत्मविश्वास खोने को सबसे बड़ी हानि बताने वाली शायरी कौन सी है?
"सबसे बड़ी कमजोरी किसी के आगे रोना है, सबसे बड़ी हानि आत्मविश्वास को खोना है." — यह शायरी कहती है कि सबसे बड़ी कमजोरी किसी के आगे रोना है, और सबसे बड़ी हानि आत्मविश्वास को खोना है।
पतंग की डोर के विश्वास जैसे कभी न टूटने और आसमान की ऊंचाइयों को छूने की मकर संक्रांति शुभकामना देने वाली शायरी कौन सी है?
"काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी, टूटे ना कभी डोर विश्वास की, छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी, जैसे पतंग छूती है ऊंचाइयां आसमान की. मकर संक्राति की हार्दिक शुभकामनाएं!!" — यह मकर संक्रांति की शायरी शुभकामना देती है कि कोई पतंग कभी कट न सके और विश्वास की डोर कभी न टूटे, ताकि पतंग की तरह ज़िंदगी की सारी ऊंचाइयां छुई जा सकें।
कंकर-कंकर में शंकर और खुद को काशी बताने वाली कुमार विश्वास की पंक्ति कौन सी है?
"कंकर-कंकर मेरा शंकर, मैं लहर-लहर अविनाशी हूँ, मैं काशी हूँ, मैं काशी हूँ, मैं काशी हूँ , मैं काशी हूँ. – कुमार विश्वास" — कुमार विश्वास की यह पंक्ति काशी की आध्यात्मिक अविनाशी पहचान को बताती है — कंकर-कंकर में शंकर है, और मैं खुद लहर-लहर में बसी अविनाशी काशी हूँ।
Vishwas से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Fal, Haar, Insaan और Jeevan शायरी पढ़ सकते हैं।

Ek sher yahan sabse badi kamzori kisi ke aage rona aur sabse badi haani aatmvishwas khona bataata hai, to doosra makar sankranti par patang jaisi unchaaiyon ko chhoone ki kaamna karta hai. Aage Insaan aur Fal shayari bhi padhein.