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Karma Anmol Vachan

फल की चिंता छोड़कर कर्म करने की सीख देने वाले वचन।

इन karma quotes के अनुसार इंसान दुनिया में भले कहीं भी जा बसे, अपने किए कामों का हिसाब उसका पीछा नहीं छोड़ता, और इसी सोच के इर्द-गिर्द पूरा संग्रह बुना गया है। कर्म का आकार नहीं बल्कि उसके पीछे की भावना उसकी सच्चाई तय करती है। गीता के कर्मयोग सिद्धांत को भी सरल शब्दों में यहाँ पिरोया गया है।

बिना किसी स्वार्थ के किया गया कर्म ही सबसे बड़ी पूजा है; मंदिर में बैठकर की गई प्रार्थना से भी अधिक मूल्यवान।

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मनुष्य संसार के किसी भी कोने में भाग जाए, परंतु अपने ही कर्मों के परिणाम से कभी नहीं बच सकता।

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अपना कर्म करते रहो, उसके फल की चिंता मत करो; यही कर्मयोग का सार है। — श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश पर आधारित

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जैसा बीज तुम आज बोते हो, वैसा ही फल कल तुम्हें अवश्य मिलता है; यह प्रकृति का सबसे निश्चित और निष्पक्ष नियम है।

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Bageshwar Dham Shayari

जो अच्छा कर्म तुम बिना दिखावे के करते हो, वह कहीं न कहीं ज़रूर फलित होता है, चाहे उसका फल देर से ही मिले।

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संसार तुम्हारे अच्छे-बुरे कर्मों को भूल भी सकता है, परंतु कर्म का अपना हिसाब कभी नहीं भूलता; वह समय आने पर अवश्य लौटता है।

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कर्म का बड़ा या छोटा होना महत्वपूर्ण नहीं, उसके पीछे की नीयत ही यह तय करती है कि वह कर्म कितना शुद्ध और सार्थक है।

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Frequently Asked Questions

Can someone escape the results of their own actions, according to these lines?
No - a person may run to any corner of the world, one line says, but never escapes the consequences of their own deeds.
What matters more than the size of an action here?
The intention behind it - the samples hold that intent is what decides how pure and meaningful an action really is.
Does the world need to notice a good deed for it to matter, per these quotes?
Not according to these lines - the world may forget both good and bad deeds, but karma is said to keep its own account and return in time. More is under Suvichar.

बीज बोने और फल पाने की उपमा से यहाँ बताया गया है कि प्रकृति का यह हिसाब कभी चूकता नहीं, भले फल मिलने में समय लगे। इन विचारों को भाग्य पर लिखे वचनों के साथ जोड़कर भी पढ़ा जा सकता है।