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Interesting Shayari

Zindagi ke anokhe pehlu, ek-ek sher mein simat jaate hain.

Interesting shayari mein zindagi ko kabhi dhundh ka ek fasana bataya jaata hai to kabhi bachpan ke khilonon ki yaad dilai jaati hai. Isi sochne wale andaaz mein Quotes bhi padhein.

संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
इक धुंध से आना है इक धुंध में जाना है
~ साहिर लुधियानवी ~

Sansaar kee har shay ka itana hee fasaana hai
Ik dhundh se aana hai ik dhundh mein jaana hai
~ saahir ludhiyaanavee ~

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अलमारी से मिले हुए बचपन के खिलोने,
मेरी आंखों की उदासी देखकर बोले,
तु्म्हें ही बहुत शौक़ था बड़ा होने का !!

Alamaaree se mile hue bachapan ke khilone,
Meree aankhon kee udaasee dekhakar bole,
Tumhen hee bahut shauq tha bada hone ka !!

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मौसम को मौसम की बहारों ने लूटा,
हमे कश्ती ने नहीं किनारों ने लूटा।।

Mausam ko mausam kee bahaaron ne loota,
Hame kashtee ne nahin kinaaron ne loota..

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छोटी सी ज़िन्दगी के भी अजीब फंसाने हैं...
यहां तीर भी चलाने हैं और परिंदे भी बचाने हैं...!!

Chhotee see zindagee ke bhee ajeeb phansaane hain...
Yahaan teer bhee chalaane hain aur parinde bhee bachaane hain...!!

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Love Shayari

भूल जाना और भूला देना एक वहम ही तो है...
दिल से कब निकलते हैं, दिलों मे रहने वाले...!!

Bhool jaana aur bhoola dena ek vaham hee to hai...
Dil se kab nikalate hain, dilon me rahane vaale...!!

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Frequently Asked Questions

साहिर लुधियानवी की संसार की हर चीज़ के धुंध से आने और धुंध में जाने वाली पंक्ति कौन सी है?
"संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है इक धुंध से आना है इक धुंध में जाना है ~ साहिर लुधियानवी ~" — साहिर लुधियानवी की यह पंक्ति ज़िंदगी की नश्वरता को दर्शाती है — संसार की हर शय एक धुंध से आती है और एक धुंध में ही चली जाती है।
अलमारी से मिले बचपन के खिलौनों के आंखों की उदासी देखकर बड़ा होने का शौक़ याद दिलाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"अलमारी से मिले हुए बचपन के खिलोने, मेरी आंखों की उदासी देखकर बोले, तु्म्हें ही बहुत शौक़ था बड़ा होने का !!" — यह शायरी बचपन के खिलौनों के ज़रिए बड़े होने की चाहत और उसके बाद आई उदासी पर एक दिलचस्प नज़रिया पेश करती है।
मौसम को मौसम की बहारों के लूटने और किश्ती की जगह किनारों के लूटने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"मौसम को मौसम की बहारों ने लूटा, हमे कश्ती ने नहीं किनारों ने लूटा।।" — यह शायरी एक दिलचस्प मोड़ के साथ कहती है कि मौसम को उसकी अपनी बहारों ने लूटा, और हमें कश्ती ने नहीं बल्कि किनारों ने लूटा।
भूल जाने और भूला देने को एक वहम बताते हुए दिल से न निकलने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"भूल जाना और भूला देना एक वहम ही तो है... दिल से कब निकलते हैं, दिलों मे रहने वाले...!!" — यह शायरी कहती है कि भूल जाना और भूला देना बस एक वहम है, क्योंकि दिलों में रहने वाले लोग दिल से कभी नहीं निकलते।
Interesting से जुड़े और कोट्स कहाँ पढ़ें?
आप Quotes शायरी पढ़ सकते हैं।

Ek sher yahan yeh bhi kehta hai ki dil se koi yaad bhoole nahi bhoolti, chahe bhoolne ka kitna hi vaham kyun na ho. Yahan har sher zindagi ke ajeeb rangon ko naye nazariye se dikhata hai.