वादा अनमोल वचन
खुशी में वादा और गुस्से में फैसला, दोनों से बचें।
गुस्से के पल में लिया फैसला और खुशी के पल में किया वादा, दोनों अक्सर बाद में भारी पड़ते हैं - इन्हीं वचनों की यही सीख है। जिंदगी नमक जैसी है, जिसे हर कोई अपने हिसाब से इस्तेमाल करता है। जुड़े भाव Dil में भी देखे जा सकते हैं।
जब आप दुखी हो तो कोई फैसला मत लेना जबकि जब आप खुश हो तब कोई भी वादा मत करना।
Jab aap dukhi ho to koi faisla mat lena jabki jab aap khush ho tab koi bhi wada mat karna
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जब आप गुस्सें में हो तब कोई फैसला न लेना और जब आप खुश हो तब कोई वादा न करना। (ये याद रखना कभी नीचा नही देखना पड़ेगा)।
