ईश्वर अनमोल वचन
आस्था को नए नज़रिए से देखने के वचन।
हर इंसान को देखने, सूंघने, सुनने और सोचने की शक्ति अलग-अलग मिली है, इसलिए किसी के पीछे आंख मूंदकर चलना ईश्वर की मंशा नहीं हो सकती — यह भाव Dimaag से जुड़े वचनों में भी झलकता है।
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में
एक मंत्र होना चाहिए…
मंत्र में गजब की सकती होती है!
फिर वो ईश्वर की आराधना का मंत्र हो
सेवा कार्य हो या फिर जीवन का लक्ष्य!
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भूख से बड़ा ”मजहब” और रोटी से बड़ा ”ईश्वर”
कोई हो तो बता देना मुझे भी ”धर्म” बदलना है!
कोई व्यक्ति कितना ही महान क्यों न हो,
आंखे मूंदकर उसके पीछे न चले.
यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती तो वह हर प्राणी को आंख, नाक, कान, मुंह और दिमाग़ क्यों देते?
