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Jalan Shayari

Let them burn, you keep glowing.

Jalan shayari calls out the jealousy that shows up the moment life goes well — people who fill your gatherings but still gossip about you elsewhere. Many lines here carry an attitude edge, similar to Attitude Shayari.

कमाल करते हैं हमसे जलन रखने वाले...
महफिलें" खुद की सजाते हैं,और चर्चे हमारे करते हैं...

Kamaal karate hain hamase jalan rakhane vaale...
Mahaphilen" khud kee sajaate hain,aur charche hamaare karate hain...

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अपने जलने मैं नहीं करता किसी को,
शरीक.. रात होते हीं मैं शम्मा बुझा देता हूँ।

Apane jalane main nahin karata kisee ko,
Shareek.. raat hote heen main shamma bujha deta hoon.

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बड़ें सौभाग्य से मिला है हिन्दू धर्म
तो भगवा ओढने मेँ कैसी शर्म
सिर्फ नाम ही काफी है जलन के लिए !

Baden saubhaagy se mila hai hindoo dharm
To bhagava odhane men kaisee sharm
Sirph naam hee kaaphee hai jalan ke lie !

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जलते है तो जलने दो
बुझना मेरा काम नही
जलाकर राख न कर दु
तो हिन्दु मेरा नाम नही !

Jalate hai to jalane do
Bujhana mera kaam nahee
Jalaakar raakh na kar du
To hindu mera naam nahee !

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2 Line Shayari

मैं दिया हूँ मेरी फितरत है उजाला करना...
और वो समझते है मज़बूर हूँ जलने के लिये...!!

Main diya hoon meree phitarat hai ujaala karana...
Aur vo samajhate hai mazaboor hoon jalane ke liye...!!

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मैं दुनिया के जलने का इंतजाम कर आई,
तू ही इश्क मेरा, ये खुले आम कह आई !!

Main duniya ke jalane ka intajaam kar aaee,
Too hee ishk mera, ye khule aam kah aaee !!

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मै दरखतो से उखड़ गयी हूँ

मै दरखतो से उखड़ गयी हूँ,
मुझे जलना है मेरी जगह दिखाओ...

Mai darakhato se ukhad gayee hoon,
Mujhe jalana hai meree jagah dikhao...

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पैदा हुए तो चराग जले, मरे तो जली चिता,
जलने के सिवा जिंदगी किस काम की हुई...

Paida hue to charaag jale, mare to jalee chita,
Jalane ke siva jindagee kis kaam kee huee...

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कमाल करते हैं हमसे जलने वाले
महफिलें खुद की और चर्चे हमारे..

Kamaal karate hain hamase jalane vaale
Mahaphilen khud kee aur charche hamaare..

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Attitude Shayari

क्या शहर क्या गांव, सब बदलने लगे...
एक घर में कई चूल्हे जलने लगे...!!

Kya sehar kya gaanv, sab badalane lage... ek ghar mein kai chulhe jalane lage...!!

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टूटी कलम और गैरों से जलन
हमें खुद का भाग्य लिखने नहीँ देती !!

Tootee kalam aur gairon se jalan
Hamen khud ka bhaagy likhane naheen detee !!

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फिर पलट रही है सर्दियों की सुहानी शामें ...
फिर तेरी याद में जलने के ज़माने आये..

Phir palat rahee hai sardiyon kee suhaanee shaamen ...
Phir teree yaad mein jalane ke zamaane aaye..

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Frequently Asked Questions

जलन रखने वालों की महफ़िल खुद सजाकर हमारे ही चर्चे करने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"कमाल करते हैं हमसे जलन रखने वाले... महफिलें" खुद की सजाते हैं,और चर्चे हमारे करते हैं..." — यह अटैटीयूड शायरी उन लोगों पर तंज कसती है जो खुद जलन रखते हुए भी अपनी महफ़िल में हमारी ही बातें करते रहते हैं।
जलने वालों को जलने देने और खुद के अंदाज़ को हिन्दू पहचान से जोड़ने वाली अटैटीयूड शायरी कौन सी है?
"जलते है तो जलने दो बुझना मेरा काम नही जलाकर राख न कर दु तो हिन्दु मेरा नाम नही !" — यह लिखने वाले की अपनी निजी अटैटीयूड-भरी शैली है, जिसमें वह जलन रखने वालों को अनदेखा करने के जज़्बे को अपनी पहचान से जोड़कर बयान करता है; यह किसी और समुदाय पर टिप्पणी या इस पेज की अपनी राय नहीं है, सिर्फ शायर की निजी अंदाज़-बयानी है।
हिन्दू धर्म मिलने पर भगवा ओढ़ने में शर्म न होने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"बड़ें सौभाग्य से मिला है हिन्दू धर्म तो भगवा ओढने मेँ कैसी शर्म सिर्फ नाम ही काफी है जलन के लिए !" — यह शायर की अपनी निजी आस्था और गर्व को बयान करती है कि उसे अपने हिन्दू धर्म पर सौभाग्य महसूस होता है; यह किसी अन्य धर्म या समुदाय की तुलना या आलोचना नहीं करती, सिर्फ लिखने वाले की निजी भावना है, इसे इस पेज की राय न समझें।
अपने जलने में किसी और को शरीक न करने और रात होते ही शम्मा बुझा देने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"अपने जलने मैं नहीं करता किसी को, शरीक.. रात होते हीं मैं शम्मा बुझा देता हूँ।" — यह शायरी अपने दर्द को किसी और के साथ न बाँटने और चुपचाप अकेले उसे सहने के जज़्बे को बयान करती है।
जलन से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप Attitude, Ham और Jal शायरी पढ़ सकते हैं।

Others turn the same word into a statement of quiet pride in one's roots and beliefs, unbothered by who it burns. Explore Bhagwa Shayari or Ham Shayari for more in this tone.