बूँद बूँद को तरस रही है हमारी सरज़मीं कहने को तो
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बूँद बूँद को तरस रही है हमारी सरज़मीं कहने को तो,
हम उस देश के वाशी हैं जिस देश में गंगा बहती है।
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बूँद बूँद को तरस रही है हमारी सरज़मीं कहने को तो,
हम उस देश के वाशी हैं जिस देश में गंगा बहती है।
Boond boond ko taras rahee hai hamaaree sarazameen kahane ko to,
Ham us desh ke vaashee hain jis desh mein ganga bahatee hai.
