एक मुद्दत हो गई.. तुम लड़ती नही हो हम से
Popular Shayari Topics for You.
एक मुद्दत हो गई.. तुम लड़ती नही हो हम से,
एक अरसे से फ़ीका पड़ा है, मासूम सा इश्क़ मेरा।
feelthewords.com
एक मुद्दत हो गई.. तुम लड़ती नही हो हम से,
एक अरसे से फ़ीका पड़ा है, मासूम सा इश्क़ मेरा।
Ek muddat ho gaee.. tum ladatee nahee ho ham se,
Ek arase se feeka pada hai, maasoom sa ishq mera.
