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Waqalat Shayari

Sacchi mohabbat ko kabhi vakalat ki zaroorat nahi padti.

Waqalat shayari mein aasmaan se aane wale faisle ke aage zameen ki koi vakalat na chalne ki gehri baat hai. Isi gehrai mein Hindi shayari bhi padhein.

कोई वकालत नहीं चलती ज़मीन वालों की...
जब कोई फैसला आसमान से उतरता है...!!

Koee vakaalat nahin chalatee zameen vaalon kee...
Jab koee phaisala aasamaan se utarata hai...!!

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वो अल्फ़ाज़ ही क्या,जो समझानें पड़े
हमने मुहब्बत की है,कोई वकालत नहीं

Vo alfaaz hee kya,jo samajhaanen pade
Hamane muhabbat kee hai,koee vakaalat nahin

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Frequently Asked Questions

"वकालत" शब्द इस शायरी में किस अर्थ में इस्तेमाल हुआ है?
यहाँ "वकालत" का मतलब सफाई देना या दलील देना है, कोई कानूनी पेशा नहीं। जैसे पंक्ति कहती है — "कोई वकालत नहीं चलती ज़मीन वालों की... जब कोई फैसला आसमान से उतरता है...!!" यानी जब किस्मत या ऊपरवाले का फैसला आ जाए, तो दुनिया की कोई दलील काम नहीं आती।
मोहब्बत में सफाई देने की ज़रूरत ना होने की बात कैसे कही गई है?
"वो अल्फ़ाज़ ही क्या, जो समझानें पड़े, हमने मुहब्बत की है, कोई वकालत नहीं।" यह पंक्ति बताती है कि सच्ची Mohabbat बिना दलील और सफाई के खुद-ब-खुद Samajh में आ जानी चाहिए।
यह शायरी किस मूड में पढ़ने वालों को पसंद आएगी?
जो लोग गहरी और संक्षिप्त बातें पसंद करते हैं, वे इसे 2 Line अंदाज़ में शेयर करते हैं, और यह Hindi शायरी की उन पंक्तियों में शुमार है जो कम शब्दों में गहरी बात कह जाती हैं।

Ek sher yahan kehta hai ki sacchi mohabbat ko samjhane ke liye kisi vakalat ki zaroorat nahi padti. Aage Man aur Ham shayari bhi padhein.