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Sathi Shayari

Sukh mein sathi mile to zindagi aasan lagti hai.

Sathi shayari mein kabhi chhoti si khwaish ki baat hoti hai to kabhi jeevansathi ke prati shukriya ka jazba. Isi rishte mein Jeevansathi shayari bhi padhein.

Sathi Shayari - Saath Aur Rishton Ke Hindi Sher

जिंदगी में कोई भी ख्वाइश न बाकी हो
बस सुबह-सुबह बिस्तर पर कॉफी देने वाली साथी हो.

Zindagi me koi bhi khwahish
na baki ho bas subah subah
bistar par coffe dene wali sath ho.

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इश्क़ बिना ज़िंदगी फिजूल है,
लेकिन इश्क़ के भी अपने उसूल हैं,
कहते हैं इश्क़ में है बहुत उल्फते,
जब तेरे जैसा हो साथी तो सब कबूल है ।❤️

Ishq bina zindagee phijool hai,
Lekin ishq ke bhee apane usool hain,
Kahate hain ishq mein hai bahut ulphate,
Jab tere jaisa ho saathee to sab kabool hai .❤

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साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए
दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ।

Saathi To Mujhe Apne Sukh Ke Liye Chahiye
Dukhon Ke Liye To Main Akela Kafi Hoon.

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मेरे जीवनसाथी शुक्रिया तेरा,
तूने खुशियों से भर दिया घर मेरा.

Mere jeevanasaathee shukriya tera,
Toone khushiyon se bhar diya ghar mera.

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Basera Shayari

सारे साथी काम के सबका अपना मोल

सारे साथी काम के, सबका अपना मोल...
जो संकट में साथ दे, वो सबसे अनमोल...!!

Saare saathee kaam ke, sabaka apana mol...
Jo sankat mein saath de, vo sabase anamol...!!

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ये भी शायद इक अदा है ज़िंदगी की यारों,
जिसको साथी मिल गया वो तन्हा हो गया

Ye bhee shaayad ik ada hai zindagee kee yaaron,
Jisako saathee mil gaya vo tanha ho gaya

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Frequently Asked Questions

सुबह-सुबह कॉफी देने वाली साथी शायरी में सादी सी ख्वाइश क्या है?
एक शायरी में लिखा है, "जिंदगी में कोई भी ख्वाइश न बाकी हो, बस सुबह-सुबह बिस्तर पर कॉफी देने वाली साथी हो।" यह बड़ी-बड़ी चाहतों की जगह एक छोटी, आत्मीय रोज़मर्रा की खुशी को ज़िंदगी की सबसे बड़ी ख्वाइश बताती है।
इश्क़ के उसूलों से जुड़ी साथी शायरी क्या कहती है?
शेर कहता है, "इश्क़ बिना ज़िंदगी फिजूल है, लेकिन इश्क़ के भी अपने उसूल हैं, कहते हैं इश्क़ में है बहुत उल्फते, जब तेरे जैसा हो साथी तो सब कबूल है।" यहाँ सही साथी मिलने पर इश्क़ के हर उसूल और मुश्किल को खुशी से स्वीकार करने का भाव है।
सुख के लिए साथी और दुख में अकेलेपन वाली शायरी का क्या भाव है?
एक शायरी कहती है, "साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए, दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ।" यह आत्मनिर्भरता का भाव दिखाती है - दुख झेलने के लिए किसी सहारे की ज़रूरत नहीं, लेकिन खुशियाँ बाँटने के लिए साथी की चाहत बनी रहती है।
जीवनसाथी को शुक्रिया कहने वाली शायरी में क्या भाव है?
शायरी में लिखा है, "मेरे जीवनसाथी शुक्रिया तेरा, तूने खुशियों से भर दिया घर मेरा।" यह सीधी-सादी पर दिल से निकली कृतज्ञता है, जहाँ जीवनसाथी को घर में खुशियाँ भरने का श्रेय दिया गया है। ऐसे रिश्तों से जुड़ी और शायरी Jeevansathi सेक्शन में मिलेगी।
साथी के हाथ थामे रखने या संभालने से जुड़ी शायरी कहाँ मिलेगी?
साथी विषय की शायरी अक्सर एक-दूसरे को थामे रखने और मुश्किल वक़्त में संभालने के भाव से जुड़ी होती है। ऐसी रचनाएं Sambhaal और Thaam सेक्शन में देखी जा सकती हैं।

Ek sher yahan yeh bhi kehta hai ki jo mushkil waqt mein saath de, wahi sabse anmol sathi hota hai. Aage Basera aur Sambhaal shayari bhi padhein.