खुदा तो इक तरफ, खुद से भी कोसों दूर होता है
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खुदा तो इक तरफ, खुद से भी कोसों दूर होता है,
इंसान जिस वक्त ताकत के नशे में चूर होता है।
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खुदा तो इक तरफ, खुद से भी कोसों दूर होता है,
इंसान जिस वक्त ताकत के नशे में चूर होता है।
Khuda to ik taraph, khud se bhee koson door hota hai,
Insaan jis vakt taakat ke nashe mein choor hota hai.
