इस तरह कुछ आजकल अपना मुकद्दर हो गया
Popular Shayari Topics for You.
इस तरह कुछ आजकल अपना मुकद्दर हो गया
सर को चादर से ढंका तो पाँव बाहर हो गया
feelthewords.com
इस तरह कुछ आजकल अपना मुकद्दर हो गया
सर को चादर से ढंका तो पाँव बाहर हो गया
Is tarah kuchh aajakal apana mukaddar ho gaya
Sar ko chaadar se dhanka to paanv baahar ho gaya
