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Ranjish Shayari

Ranjishein apni jagah, salaam apni jagah.

Ranjish shayari mein dil ko dukhane ke liye ranjish sahi, phir se chhod jaane ka gila bhi maafi ke saath aata hai. Isi dard mein Sad shayari bhi padhein.

रंज़िश ही सही दिल को दुखाने के लिए आ,
आ फिर से मुझे छोड़ जाने के लिए आ।

Ranjish Hi Sahi Dil Ko Dukhane Ke Liye Aa,
Aa Phir Se Mujhe Chhod Jaane Ke Liye Aa.

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सलीका अदब का तो बरकरार रखिये जनाब,
रंज़िशें अपनी जगह है, सलाम अपनी जगह...!!

Saleeka adab ka to barakaraar rakhiye janaab,
Ranzishen apanee jagah hai, salaam apanee jagah...!!

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सलीका इतना अदब का, तो बरकरार रहे...
रंज़िशें अपनी जगह हों, सलाम अपनी जगह...!!

Saleeka itana adab ka, to barakaraar rahe...
Ranzishen apanee jagah hon, salaam apanee jagah...!!

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Frequently Asked Questions

रंजिश शायरी किस भाव को दर्शाती है?
रंजिश शायरी दिल की उस तकलीफ़ को शब्द देती है जो अनकहे गिले-शिकवों से उपजती है। मशहूर पंक्ति “रंज़िश ही सही दिल को दुखाने के लिए आ, आ फिर से मुझे छोड़ जाने के लिए आ।” इसी दर्द भरे मोह को दिखाती है, जहाँ इंसान बिछड़ने के बाद भी उसी रिश्ते को याद कर तरसता है। यह भावनात्मक गहराई इसे Sad शायरी के करीब भी ले आती है।
क्या रंजिश शायरी सिर्फ नाराज़गी की बात करती है?
नहीं, यह सिर्फ नाराज़गी नहीं बल्कि तहज़ीब और अदब के साथ निभाए गए रिश्तों की भी बात करती है। जैसे “सलीका अदब का तो बरकरार रखिये जनाब, रंज़िशें अपनी जगह है, सलाम अपनी जगह...!!” में साफ़ झलकता है कि गिले-शिकवे होते हुए भी सम्मान और सलाम की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
क्या रंजिश शायरी में अदब-तहज़ीब का कोई खास महत्व है?
हाँ, बहुत महत्व है। “सलीका इतना अदब का, तो बरकरार रहे... रंज़िशें अपनी जगह हों, सलाम अपनी जगह...!!” जैसी पंक्तियाँ बताती हैं कि रिश्तों में मनमुटाव आने पर भी बड़प्पन और शिष्टाचार नहीं छोड़ना चाहिए। यह सोच Hindi शायरी की उस पुरानी परंपरा से जुड़ी है जहाँ भावनाओं को नज़ाकत से पेश किया जाता है।
रंजिश शायरी किस अंदाज़ में लिखी जाती है और इसे कहाँ पढ़ सकते हैं?
ज़्यादातर रंजिश शायरी संक्षिप्त, दो पंक्तियों वाले अंदाज़ में लिखी जाती है ताकि दर्द सीधा दिल तक पहुँचे - जैसे इस पेज के सभी उदाहरण। अगर आपको यह छोटा और असरदार फॉर्मेट पसंद है तो 2 Line शायरी संग्रह भी ज़रूर देखें, और अगर अदब के साथ सलाम कहने का अंदाज़ पसंद आया हो तो Salaam शायरी पढ़ें।

Ek sher adab ka saleeka bar-karar rakhne ki baat karta hai, jahan ranjishein apni jagah aur salaam apni jagah rehta hai. Aage Hindi aur Salaam shayari bhi padhein.