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Lakdi Shayari

Jalti lakdi dekh kar tan ki gati yaad aati hai, phir kaisa ahankar.

Lakdi shayari mein jalti lakdi dekhkar tan ki bhi wahi gati hone ka gehra vichar bayan kiya gaya hai, phir insaan kis baat ka ahankar kare. Isi vichar mein Attitude shayari bhi padhein.

Lakdi Shayari - Rishton Ke Dhuen Ke Sher

जलती लकड़ी देखकर मन में आया विचार,
तन की होनी यही गति फिर कैसा अहंकार.

Jalatee lakadee dekhakar man mein aaya vichaar,
Tan kee honee yahee gati phir kaisa ahankaar.

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सीली लकडी से सुलगते रिश्ते

सीली लकडी से सुलगते रिश्ते,
ना जलते हैं, ना बुझते हैं...
आँखो से आँसू गिरते हैं,
ये रिश्ते इतना धुंआ करते हैं...

Seelee lakadee se sulagate rishte,
Na jalate hain, na bujhate hain...
Aankho se aansoo girate hain,
Ye rishte itana dhuna karate hain...

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Frequently Asked Questions

लकड़ी शायरी में जलती हुई लकड़ी की मिसाल का क्या मतलब निकलता है?
पहली शायरी में जलती लकड़ी को देखकर कवि के मन में विचार आता है कि जिस तरह लकड़ी जलकर राख हो जाती है, ठीक उसी तरह एक दिन शरीर की भी यही गति होनी है — "तन की होनी यही गति फिर कैसा अहंकार" पंक्ति के जरिए यह मृत्यु और अहंकार पर एक गहरी नैतिक सीख देती है। यह भाव इसी विषय की Man शायरी से भी मेल खाता है, जहाँ मन के भीतर के विचारों पर बात होती है।
सीली लकड़ी वाली शायरी किस तरह के रिश्तों को बयान करती है?
दूसरी शायरी सीली (नम) लकड़ी की मिसाल से उन रिश्तों की बात करती है जो न पूरी तरह खत्म होते हैं न निभ पाते — "सीली लकडी से सुलगते रिश्ते, ना जलते हैं, ना बुझते हैं" पंक्ति में यही अधूरापन झलकता है। आगे कहा गया है कि इन रिश्तों से "आँखो से आँसू गिरते हैं" — यानी दर्द और तड़प के आँसू, जिसे Aansoo शायरी में और गहराई से महसूस किया जा सकता है।
इस लकड़ी शायरी संग्रह में सिर्फ दो ही शायरियाँ क्यों हैं?
यह संग्रह अभी छोटा है क्योंकि लकड़ी पर आधारित प्रकाशित शायरियाँ फिलहाल सीमित हैं, इसलिए यहाँ केवल दो असली उदाहरण दिए गए हैं — एक जीवन-मृत्यु और अहंकार पर, दूसरा अधूरे रिश्तों की तड़प पर। दोनों शायरियाँ भावनात्मक गहराई की मिसाल हैं, जैसी और Hindi शायरी में भी मिलती है।

Ek sher yahan seeli lakdi jaise sulagte rishton ka zikr karta hai jo na poora jalte hain na bujhte, bas aankhon se aansuo ka dhuan uthta hai. Aage Aankh aur Aansoo shayari bhi padhein.