हम कब तक ग़ैरों की तरह तेरी महफ़िल में रहें
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हम कब तक ग़ैरों की तरह तेरी महफ़िल में रहें,
अपना तो कहो झूठा ही सही हर बात गंवारा हो हो जाये।
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हम कब तक ग़ैरों की तरह तेरी महफ़िल में रहें,
अपना तो कहो झूठा ही सही हर बात गंवारा हो हो जाये।
Ham kab tak gairon kee tarah teree mahafil mein rahen,
Apana to kaho jhootha hee sahee har baat ganvaara ho ho jaaye.
