हमें दुनिया फ़क़त काग़ज़ का इक टुकड़ा समझती है
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हमें दुनिया फ़क़त काग़ज़ का इक टुकड़ा समझती है
पतंगों में अगर ढल जाएँ हम तो आसमाँ छू लें
- नफ़स अम्बालवी
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हमें दुनिया फ़क़त काग़ज़ का इक टुकड़ा समझती है
पतंगों में अगर ढल जाएँ हम तो आसमाँ छू लें
- नफ़स अम्बालवी
Hamen duniya faqat kaagaz ka ik tukada samajhatee hai,
Patangon mein agar dhal jaen ham to aasamaan chhoo len !!
- Nafas Ambaalavee
Today's Shayari
इल्ज़ाम तो हर हाल में काँटों पे ही लगेगा,
ये सोचकर अक्सर फूल भी चुपचाप ज़ख्म दे जातें हैं !
Today's Joke
दामाद ससुर सेः पापाजी आपकी लाडली ने नाक में दम कर रखा है..!
ससुरः बेटा मेरे बारे में सोचो.. मेरे...
Today's Status
Life is like a book. Each day like a new page. So let the first words you write be Good...
Status Of The DayToday's Prayer
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