सोचती हूँ कि बुझा दूँ मैं ये कमरे का दिया
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सोचती हूँ कि बुझा दूँ, मैं ये कमरे का दिया;
अपने साए को भी, क्यूँ साथ जगाऊँ अपने !
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सोचती हूँ कि बुझा दूँ, मैं ये कमरे का दिया;
अपने साए को भी, क्यूँ साथ जगाऊँ अपने !
Sochatee hoon ki bujha doon, main ye kamare ka diya;
Apane sae ko bhee, kyoon saath jagaoon apane !
