ज़िन्दगी है चार दिन की, कुछ भी न गिला कीजिये
Popular Shayari Topics for You.
ज़िन्दगी है चार दिन की, कुछ भी न गिला कीजिये
दवा, ज़हर, जाम, इश्क, जो मिले मज़ा लीजिये।
feelthewords.com
ज़िन्दगी है चार दिन की, कुछ भी न गिला कीजिये
दवा, ज़हर, जाम, इश्क, जो मिले मज़ा लीजिये।
Zindagee hai chaar din kee, kuchh bhee na gila keejiye
Dava, zahar, jaam, ishk, jo mile maza leejiye.
