इलाहबाद की गलियों में मैंने अपने जीवन को संवारा है,
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इलाहबाद की गलियों में मैंने अपने जीवन को संवारा है,
बड़े दिन से जमे हो तुम वहाँ, क्या हाल तुम्हारा है.
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इलाहबाद की गलियों में मैंने अपने जीवन को संवारा है,
बड़े दिन से जमे हो तुम वहाँ, क्या हाल तुम्हारा है.
Ilaahabaad kee galiyon mein mainne apane jeevan ko sanvaara hai,
Bade din se jame ho tum vahaan, kya haal tumhaara hai.
