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Moksha Shayari

Moksha ki chaah kabhi Ganga mein hai, kabhi Kashi ki galiyon mein.

Moksha shayari mein toote hue khwabon ko Ganga ke pavitra jal se mukti dilane ki gehri chaah bayan hoti hai, jahan dil ka har armaan moksh ki talaash mein rehta hai. Isi bhaav mein Dil shayari bhi padhein.

काश! कोई गंगा गुजरती इस दिल से मेरे,
तो मरे हुए ख्वाबो को मोक्ष मिल जाता.

Kaash! koee ganga gujaratee is dil se mere,
To mare hue khvaabo ko moksh mil jaata.

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जीवन में कोई काम ना हो,
आ रही हो बहुत ज्यादा उबासी,
एक बार जरूर घूम कर जाना
मोक्ष प्रदायिनी दिव्य काशी।

Jeevan mein koee kaam na ho,
Aa rahee ho bahut jyaada ubaasee,
Ek baar jaroor ghoom kar jaana
Moksh pradaayinee divy kaashee.

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Frequently Asked Questions

मोक्ष शायरी में गंगा का जिक्र किस भाव से किया गया है?
यह शेर गंगा को शुद्धिकरण और मुक्ति के प्रतीक के रूप में पेश करता है, हिंदू परंपरा में गंगा को आत्मा को शांति देने वाली पवित्र नदी माना जाता है। पंक्ति है, "काश! कोई गंगा गुजरती इस दिल से मेरे, तो मरे हुए ख्वाबो को मोक्ष मिल जाता।" यहाँ शायर अपने अधूरे और बिखरे सपनों को गंगा की पवित्रता से मुक्ति दिलाने की कामना करता है, यह भाव Dil की गहरी वेदना को दर्शाता है।
काशी को "मोक्ष प्रदायिनी" क्यों कहा गया है?
काशी यानी वाराणसी को हिंदू आस्था में मोक्ष यानी आत्मा की मुक्ति देने वाला पवित्र स्थान माना जाता है, यही सांस्कृतिक-आध्यात्मिक महत्व इस शेर में झलकता है। पंक्ति है, "जीवन में कोई काम ना हो, आ रही हो बहुत ज्यादा उबासी, एक बार जरूर घूम कर जाना मोक्ष प्रदायिनी दिव्य काशी।" यह Jeevan में ठहराव महसूस होने पर काशी की आध्यात्मिक यात्रा का हल्का-सा सुझाव देता है।
मोक्ष शायरी में सपनों और जीवन के ठहराव को किस तरह जोड़ा गया है?
दोनों शेर मोक्ष को एक तरह की राहत या मुक्ति के रूप में दिखाते हैं, चाहे वह टूटे सपनों से हो या जीवन की उबाऊ स्थिति से। यह भाव Kaam में मन न लगने या जीवन में कुछ खालीपन महसूस होने पर आध्यात्मिक शांति की तलाश जैसा है, जो Anmol Vachan जैसी विचारपूर्ण रचनाओं में भी झलकता है।

Ek sher yahan jeevan mein thakaan mehsoos hone par moksh pradayini divya Kashi ghoomne ki salaah deta hai, jahan bina kisi kaam ke bhi sukoon mil jaata hai. Aage Jeevan aur Kaam shayari bhi padhein.