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Bakrid Shayari

Lines of faith for Bakrid.

Bakrid shayari here turn prayers for blessed skies and paak love into short, sharable couplets. For more festive lines, browse our Status collection.

तारों से Aasman में खिली रहे बहार,
चाँद के जैसा Paak हो सभी का प्यार,
होता रहे यूँ ही अपनों से Didar,
मुबारक हो तुमको Bakrid का त्यौहार।

Taaron se aasman mein khilee rahe bahaar,
Chaand ke jaisa paak ho sabhee ka pyaar,
Hota rahe yoon hee apanon se didar,
Mubaarak ho tumako bakrid ka tyauhaar.

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आप सभी को रमज़ान मुबारक!
चांद से रोशन हो रमज़ान तुम्हारा.
इबादत से भर जाए रोज़ा तुम्हारा.
हर नमाज़ हो कबूल तुम्हारी.
बस यही दुआ है खुदा से हमारी.

Aap sabhee ko ramazaan mubaarak!
Chaand se roshan ho ramazaan tumhaara.
Ibaadat se bhar jae roza tumhaara.
Har namaaz ho kabool tumhaaree.
Bas yahee dua hai khuda se hamaaree.

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आप सदा यूं ही मुस्कराएं ईद मुबारक

मुबारक हो आपको खुदा की दी हुई यह जिंदगी,
खुशियों से भरी रहे आपकी यह जिंदगी,
गम का साया कभी आप पर ना आए दुआ है यह हमारी, आप सदा यूं ही मुस्कराएं, ईद मुबारक।'

Mubaarak ho aapako khuda kee dee huee yah jindagee,
Khushiyon se bharee rahe aapakee yah jindagee,
Gam ka saaya kabhee aap par na aae dua hai yah hamaaree, aap sada yoon hee muskaraen, eed mubaarak.

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Frequently Asked Questions

"बकरीद" नाम उत्तर भारत में इतना प्रचलित क्यों है?
"बकरीद" ईद उल-अज़हा का एक और लोकप्रिय हिन्दुस्तानी नाम है, जो खासकर उत्तर भारत में बोलचाल की भाषा में इस्तेमाल होता है। नाम भले ही स्थानीय हो, लेकिन यह वही पावन त्योहार है जो पैग़म्बर इब्राहीम की कुर्बानी और समर्पण की याद में मनाया जाता है।
'बकरीद' नाम का इस्तेमाल कहां ज़्यादा होता है और इसकी शायरी कैसी होती है?
'बकरीद' 'बकरा ईद' का ही छोटा, बोलचाल में ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला रूप है। इसकी शायरी में अक्सर हिंग्लिश मिश्रण देखने को मिलता है, जैसे इस शेर में: "तारों से Aasman में खिली रहे बहार, चाँद के जैसा Paak हो सभी का प्यार, होता रहे यूँ ही अपनों से Didar, मुबारक हो तुमको Bakrid का त्यौहार।" यहाँ अंग्रेज़ी और हिंदी शब्दों का यह मेल आजकल के सोशल मीडिया संदेशों में आम है।
बकरीद पर परिवार और रिश्तेदारों के मिलने-जुलने की परंपरा कैसी होती है?
बकरीद को परिवारों के फिर से जुड़ने का दिन माना जाता है - दूर रहने वाले रिश्तेदार भी इस मौके पर घर लौटते हैं, एक-दूसरे से गले मिलते हैं और पुरानी शिकायतें भुलाकर रिश्तों को मज़बूत करते हैं।
क्या इस पेज पर सिर्फ त्योहार की मुबारकबाद वाली शायरी है या जीवन को लेकर दुआएं भी हैं?
इस कलेक्शन में सिर्फ त्योहार की बधाई तक सीमित न रहकर, ज़िंदगी और खुशहाली की आम दुआ वाले शेर भी शामिल हैं, जैसे: "मुबारक हो आपको खुदा की दी हुई यह जिंदगी, खुशियों से भरी रहे आपकी यह जिंदगी, गम का साया कभी आप पर ना आए दुआ है यह हमारी, आप सदा यूं ही मुस्कराएं, ईद मुबारक।'"
बकरीद पर गरीबों और ज़रूरतमंदों तक मदद पहुंचाना क्यों ज़रूरी माना जाता है?
इस्लाम में कुर्बानी के गोश्त का एक हिस्सा ग़रीबों तक पहुंचाना अनिवार्य माना गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार भी बिना किसी भेदभाव के त्योहार की खुशियों और अच्छे भोजन में शामिल हो सकें। यह परंपरा बकरीद को सामाजिक समानता और भाईचारे के त्योहार के रूप में भी पहचान देती है।
इस्लामी महीनों के हिसाब से इस मौसम में और कौन-से त्योहार आते हैं जिनकी शायरी अलग रखी गई है?
दरअसल इसी कलेक्शन में एक शेर रमज़ान से जुड़ा भी मिल जाता है - "आप सभी को रमज़ान मुबारक! चांद से रोशन हो रमज़ान तुम्हारा..." - जो असल में बकरीद का नहीं, रमज़ान का शेर है। इस्लामी महीनों के करीब होने की वजह से कभी-कभी ऐसा मिश्रण हो जाता है। इस्लामी नए साल के लिए अलग से अल-हिज्र शायरी देखी जा सकती है।
2027 में बकरीद किस तारीख़ के आसपास पड़ने की संभावना है?
चांद दिखने पर आधारित इस्लामी कैलेंडर के अनुसार 2027 में बकरीद 17 मई के आसपास पड़ सकती है, लेकिन अंतिम तारीख़ चांद दिखने की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय होती है।
'बकरीद' और 'बकरा ईद' की शायरी में दोहराव से बचने के लिए क्या किया गया है?
चूंकि दोनों नाम एक ही त्योहार के लिए हैं, इसलिए यह पेज जान-बूझकर अलग तेवर के शेर रखता है; रोज़मर्रा के लंबे नाम वाली शायरी के लिए बकरा ईद शायरी भी देखी जा सकती है।
बकरीद के मौके पर सामुदायिक भोज और मेल-मिलाप का क्या महत्व है?
नमाज़ और कुर्बानी की रस्म के बाद मोहल्ले और समुदाय के लोग साथ बैठकर खाना खाते हैं, पड़ोसियों के घर पकवान भेजे जाते हैं, और इस तरह पूरा मोहल्ला त्योहार की खुशी में शामिल हो जाता है।
लोग बकरीद की मुबारकबाद और दुआएं एक-दूसरे तक कैसे पहुंचाते हैं?
आजकल बहुत से लोग अपनों तक भावनाएं पहुंचाने के लिए दिल को छू लेने वाली Wishes भेजते हैं, प्रोफाइल पर त्योहार से जुड़ा Status लगाते हैं, या भावनापूर्ण Shayari साझा करते हैं।

Themes of faith and sacrifice run through these verses, fitting for the sacred day. Also see Al-Hijra shayari for related Islamic New Year poetry.