फ़लसफी को बहस के अंदर ख़ुदा मिलता नहीं
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फ़लसफी को बहस के अंदर ख़ुदा मिलता नहीं,
डोर को सुलझा रहा है और सिरा मिलता नहीं।
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फ़लसफी को बहस के अंदर ख़ुदा मिलता नहीं,
डोर को सुलझा रहा है और सिरा मिलता नहीं।
Falasaphee ko bahas ke andar khuda milata nahin,
Dor ko sulajha raha hai aur sira milata nahin.
