ये प्यार का भी अलग दस्तूर है शाहब ,
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ये प्यार का भी अलग दस्तूर है शाहब ,
एक तर्फे से शुरू हो के बेवफाई पर खत्म होती है !!
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ये प्यार का भी अलग दस्तूर है शाहब ,
एक तर्फे से शुरू हो के बेवफाई पर खत्म होती है !!
Ye Pyaar Ka Bhi Alag Dastur Hai Shahab,
Ek Tarfe Se Suru Ho K Bewafai Pr Khatam Hoti Hai !!
