कलम के कीड़े हैं हम जब भी मचलते हैं
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कलम के कीड़े हैं हम जब भी मचलते हैं,
खुरदुरे कागज पे रेशमी ख्वाब बुनते हैं।
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कलम के कीड़े हैं हम जब भी मचलते हैं,
खुरदुरे कागज पे रेशमी ख्वाब बुनते हैं।
Kalam ke keede hain ham jab bhee machalate hain,
Khuradure kaagaj pe reshamee khvaab bunate hain.
Today's Shayari
ग़ैरों से कहा तुम ने ग़ैरों से सुना तुम ने
कुछ हम से कहा होता कुछ हम से सुना होता
Today's Joke
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चमन- अरे… अरे, क्या...
Today's Status
I don’t care whether my morning coffee is a cappuccino, latte, or a mocha. My favorite coffee is the one...
Status Of The DayToday's Prayer
God will make a path for you where there is no way, He will be your guide to make your...
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