भीगी नहीं थी मेरी आँखें कभी वक़्त के मार से
Popular Shayari Topics for You.
भीगी नहीं थी मेरी आँखें कभी वक़्त के मार से,
देख तेरी थोड़ी सी बेरुखी ने इन्हें जी भर के रुला दिया।
feelthewords.com
भीगी नहीं थी मेरी आँखें कभी वक़्त के मार से,
देख तेरी थोड़ी सी बेरुखी ने इन्हें जी भर के रुला दिया।
Bheegee nahin thee meree aankhen kabhee vaqt ke maar se,
Dekh teree thodee see berukhee ne inhen jee bhar ke rula diya.
