नींद भी नीलाम हो जाती हैं दिलों की महफ़िल में जनाब
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नींद भी नीलाम हो जाती हैं दिलों की महफ़िल में जनाब,
किसी को भूल कर सो जाना इतना आसान नहीं होता।
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नींद भी नीलाम हो जाती हैं दिलों की महफ़िल में जनाब,
किसी को भूल कर सो जाना इतना आसान नहीं होता।
Neend bhee neelaam ho jaatee hain dilon kee mahafil mein janaab,
Kisee ko bhool kar so jaana itana aasaan nahin hota.
