जाने कहाँ थे और चले थे कहाँ से हम
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जाने कहाँ थे और चले थे कहाँ से हम,
बेदार हो गए किसी ख्वाब-ए-गिराँ से हम,
ऐ नौ-बहार-ए-नाज़ तेरी निकहतों की खैर,
दामन झटक के निकले तेरे गुलसिताँ से हम।
~ Ahmad Nadeem Qasimi
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जाने कहाँ थे और चले थे कहाँ से हम,
बेदार हो गए किसी ख्वाब-ए-गिराँ से हम,
ऐ नौ-बहार-ए-नाज़ तेरी निकहतों की खैर,
दामन झटक के निकले तेरे गुलसिताँ से हम।
~ Ahmad Nadeem Qasimi
Jaane Kahan The Aur Chale The Kahaan Se Ham,
Bedaar Ho Gaye Kisi Khwaab-E-Giraan Se Ham,
Ai Nau-Bahaar-E-Naaz Teri Nikahaton Ki Khair,
Daaman Jhatak Ke Nikle Tere Gulsitaan Se Ham.
Today's Quote
I think people are always able to achieve more than they think they can. While that's cliche, I don't know...
Quote Of The DayToday's Shayari
सवा तुम लिख दो, सवा हम लिख दे
चलो आज दिल के ढाई अक्षर मुकमल कर दे
Today's Joke
ग्रामर की टीचर पप्पू से –
“संदीप अब शराब नहीं पीता है।
“इसमें संदीप क्या है ??
?
?
?...
Today's Status
On such a beautiful morning I thought of the most beautiful person I know – You. Good Morning!
Status Of The DayToday's Prayer
My river of joy shall be the source of life for many lives around me and beyond. I shall be...
Prayer Of The Day