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Berozgaar Shayari

Bekaari ka dard bhi kabhi shayari mein has deta hai.

Berozgaar shayari mein sarkari naukri ka sapna dekhne wali khuli aankhon ki baat hoti hai, aur gaon mein badhti bekaari ke saath chunav ladne walon ki bhi. Isi hakikat mein Aankh shayari bhi padhein.

Berozgaar Shayari - Bekaari Ka Sach Bayaan

मेरे गाँव में बेरोजगारी बढ़ रहा है,
हर कोई अब चुनाव लड़ रहा है.

Mere gaanv mein berojagaaree badh raha hai,
Har koee ab chunaav lad raha hai.

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बंद आँखों की हकीकत है देश में बेरोजगारी,
खुली आँखों का ख्वाब है नौकरी सरकारी.

Band aankhon kee hakeekat hai desh mein berojagaaree,
Khulee aankhon ka khvaab hai naukaree sarakaaree.

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डियर मोटरों बेरोजगारी का आलम ये है
कि वकीलों को खुद ही केस करना पड़ रहा है !!

Diyar motaron berojagaaree ka aalam ye hai
Ki vakeelon ko khud hee kes karana pad raha hai !!

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बेरोजगार हैं हम तो फ़र्क नहीं तुम्हें,
ख़ैर चुनाव आ रहा हैं, मतदान से तो फ़र्क पड़ेगा ही !!

Berojagaar hain ham to fark nahin tumhen,
Khair chunaav aa raha hain, matadaan se to fark padega hee !!

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Aankh Shayari

माँ रोज जेब देखें बेरोजगार बेटे की

माँ रोज जेब देखें बेरोजगार बेटे की,
कहीं जेब में सल्फास तो नहीं !!

Maa roj jeb dekhen berojgar bete ki,
Kahin jeb mein salphaas to nahin !!

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Frequently Asked Questions

'बेरोजगार' शायरी कलेक्शन में बेरोजगारी को लेकर क्या हकीकत बताई गई है?
इस कलेक्शन की एक शायरी सीधी बात कहती है, 'बंद आँखों की हकीकत है देश में बेरोजगारी, खुली आँखों का ख्वाब है नौकरी सरकारी' — यह सरकारी नौकरी के सपने और बेरोजगारी की सच्चाई के बीच के फासले को दिखाती है। Aankh कलेक्शन में आंखों और सपनों से जुड़ी और शायरियां हैं।
गांव में बेरोजगारी और चुनाव को जोड़ने वाली कोई शायरी है?
हां, एक पंक्ति कहती है, 'मेरे गाँव में बेरोजगारी बढ़ रहा है, हर कोई अब चुनाव लड़ रहा है' — यह व्यंग्यात्मक अंदाज़ में बताती है कि जब रोजगार नहीं मिलता तो लोग राजनीति की तरफ रुख करते हैं। Election कलेक्शन में चुनाव से जुड़ी और शायरियां देखें।
क्या इसमें मतदान की अहमियत पर भी कोई शायरी है?
जी हां, एक शायरी कहती है, 'बेरोजगार हैं हम तो फ़र्क नहीं तुम्हें, ख़ैर चुनाव आ रहा हैं, मतदान से तो फ़र्क पड़ेगा ही' — यह बेरोजगार युवाओं की वोट की ताकत को याद दिलाती है।
बेरोजगारी पर कोई मज़ेदार व्यंग्य वाली शायरी भी है?
हां, एक हास्यपूर्ण पंक्ति कहती है, 'डियर मोटरों बेरोजगारी का आलम ये है कि वकीलों को खुद ही केस करना पड़ रहा है' — यह बेरोजगारी की गंभीर समस्या को भी हल्के-फुल्के मज़ाक में बयां करती है। Funny कलेक्शन में इसी तरह की मज़ेदार शायरियां मिलेंगी।
यह बेरोजगार शायरी संग्रह किस मकसद से पढ़ी जाती है?
यह कलेक्शन बेरोजगारी की सामाजिक समस्या को गंभीरता और व्यंग्य दोनों अंदाज़ में उठाने के लिए पढ़ा जाता है, खासकर युवाओं के बीच। हिंदी की और सामाजिक शायरियों के लिए Hindi कलेक्शन भी देखें।

Ek sher yahan mazakiya andaaz mein vakeelon ko khud hi case karna padne ki baat karta hai, to doosra ek maa ki chinta ko bhi chhoo jaata hai. Aage Election aur Funny shayari bhi padhein.