Logo - Feel The Words

Asha Shayari

Ghanghor andhere mein bhi ujaale ki asha hi hausla hai.

Asha shayari mein ghanghor andhere mein bhi ujaale ki asha rakhna hi ek veer yodhha ki asli pehchaan maani jaati hai, ye hausla har mushkil ghadi mein saath deta hai. Isi hausle mein Sawera shayari bhi padhein.

निराश मन में आशा की किरण तुम जगाते हो
श्री राम जी के नाम को सबको सुनाते हो
पर्वत जैसी निश्चलता है अंदर तुम्हारे
नर्म धूप की कोमलता है अंदर तुम्हारे.

Nirash man mein Aasha ki kiran
tum jagate ho Shree Ram ji ke
naam ko sabko sunate ho parwan
jesi nirshlata hai Andar tumhare
nrm dhup ki komalta hai andar
tumahre..

Read more...

घनघोर अंघेरे में उजाले की आशा,
यही है वीर योद्धा की परिभाषा

Ghanaghor anghere mein ujaale kee aasha,
Yahee hai veer yoddha kee paribhaasha

Read more...

घनघोर अंधेरे में उजाले की आशा,
यही है वीर योद्धा की परिभाषा !!

Ghanaghor andhere mein ujaale kee aasha,
Yahee hai veer yoddha kee paribhaasha !!

Read more...

यह दिल भी कितना भोला है...
दुखी होकर भी आशायें रखता है...!!

Yah dil bhee kitana bhola hai...
Dukhee hokar bhee aashaayen rakhata hai...!!

Read more...

Frequently Asked Questions

राम नाम को उम्मीद की किरण बताने वाली पंक्ति में क्या भाव है?
एक भक्तिभाव से भरी पंक्ति में कहा गया है, ‘निराश मन में आशा की किरण तुम जगाते हो श्री राम जी के नाम को सबको सुनाते हो पर्वत जैसी निश्चलता है अंदर तुम्हारे नर्म धूप की कोमलता है अंदर तुम्हारे.’ यह पंक्ति राम नाम को निराश मन में उम्मीद की किरण जगाने वाला बताती है।
‘घनघोर अंधेरे में उजाले की आशा’ पंक्ति किस भावना को दर्शाती है?
‘घनघोर अंघेरे में उजाले की आशा, यही है वीर योद्धा की परिभाषा’ - यह पंक्ति बताती है कि सबसे घने अंधेरे में भी उजाले की उम्मीद रखना ही असली वीरता और साहस की पहचान है।
क्या इस संग्रह में यह विचार दोहराया भी गया है?
हां, यही भाव एक अन्य रचना में थोड़े अलग शब्दों में फिर दोहराया गया है, ‘घनघोर अंधेरे में उजाले की आशा, यही है वीर योद्धा की परिभाषा !!’ - यह दर्शाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी आशा बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण माना गया है, जो Sakaratmak यानी सकारात्मक सोच के भाव से मेल खाता है।
‘दुखी होकर भी आशायें रखना’ वाली पंक्ति में दिल की क्या मासूमियत दिखाई गई है?
‘यह दिल भी कितना भोला है... दुखी होकर भी आशायें रखता है...!!’ यह पंक्ति दिल की उस मासूम फितरत को दर्शाती है जो दुख में भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ता, जो Ummidavar शायरी के भाव से भी जुड़ती है।
क्या इस विषय पर सफलता और नए सवेरे से जुड़े भाव भी मिलते हैं?
हां, आशा से प्रेरित सफलता की सोच के लिए Safal शायरी और नई शुरुआत की उम्मीद के लिए Sawera शायरी भी इसी भाव-श्रृंखला में देखी जा सकती है।

Ek sher yahan kehta hai ki dil bhola hai, dukhi hote hue bhi asha kabhi nahi chhodta. Aage Safal aur Sakaratmak shayari bhi padhein.