हमके कब चाह रहे कि हमके ऊ चाँद मिले य़ा असमान मिले
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हमके कब चाह रहे कि हमके ऊ चाँद मिले य़ा असमान मिले
खाली एगो तमन्ना रहे की हमार ऊ सपना के जहाँ मिले !!
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हमके कब चाह रहे कि हमके ऊ चाँद मिले य़ा असमान मिले
खाली एगो तमन्ना रहे की हमार ऊ सपना के जहाँ मिले !!
Hamake kab chaah rahe ki hamake oo chaand mile ya asamaan mile
Khaalee ego tamanna rahe kee hamaar oo sapana ke jahaan mile !!
