मैं उसको ज़िंदगी सौंप कर उसके आंगन की बांदी रही
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मैं उसको ज़िंदगी सौंप कर, उसके आंगन की बांदी रही,
मुझको दो रोटियां देकर, वो ये समझता है, रब हो गया...
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मैं उसको ज़िंदगी सौंप कर, उसके आंगन की बांदी रही,
मुझको दो रोटियां देकर, वो ये समझता है, रब हो गया...
Main usako zindagee saump kar, usake aangan kee baandee rahee,
Mujhako do rotiyaan dekar, vo ye samajhata hai, rab ho gaya...
