इसी शहर में कई साल से मेरे कुछ क़रीबी अज़ीज़ हैं
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इसी शहर में कई साल से मेरे कुछ क़रीबी अज़ीज़ हैं,
उन्हें मेरी कोई ख़बर नहीं मुझे उन का कोई पता नहीं।
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इसी शहर में कई साल से मेरे कुछ क़रीबी अज़ीज़ हैं,
उन्हें मेरी कोई ख़बर नहीं मुझे उन का कोई पता नहीं।
Isee shahar mein kaee saal se mere kuchh qareebee azeez hain,
Unhen meree koee khabar nahin mujhe un ka koee pata nahin.
