पीछे बँधें हैं हाथ और शर्त हैं सफर की
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पीछे बँधें हैं हाथ और शर्त हैं सफर की ।
अब किस से कहूँ मेरे पाँव के काँटे निकाल दे ।
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पीछे बँधें हैं हाथ और शर्त हैं सफर की ।
अब किस से कहूँ मेरे पाँव के काँटे निकाल दे ।
Peechhe bandhen hain haath aur shart hain saphar kee .
Ab kis se kahoon mere paanv ke kaante nikaal de .
