जब तक रहा हूँ धूप में चादर बना रहा
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जब तक रहा हूँ धूप में चादर बना रहा
मैं अपनी माँ का आखिरी ज़ेवर बना रहा
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जब तक रहा हूँ धूप में चादर बना रहा
मैं अपनी माँ का आखिरी ज़ेवर बना रहा
Jab tak raha hoon dhoop mein chaadar bana raha
Main apanee maan ka aakhiree zevar bana raha
Today's Shayari
इल्ज़ाम तो हर हाल में काँटों पे ही लगेगा,
ये सोचकर अक्सर फूल भी चुपचाप ज़ख्म दे जातें हैं !
Today's Joke
दामाद ससुर सेः पापाजी आपकी लाडली ने नाक में दम कर रखा है..!
ससुरः बेटा मेरे बारे में सोचो.. मेरे...
Today's Status
Life is like a book. Each day like a new page. So let the first words you write be Good...
Status Of The DayToday's Prayer
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