उपासना पर अनमोल वचन
एक ईश्वर, अनेक रास्तों का अनमोल वचन
यह वचन एक गहरी बात कहता है — पंथ, संप्रदाय और मजहब कई हो सकते हैं, पर Dharm एक ही होता है, और हर रास्ता अगर सच्ची उपासना की तरफ ले जाए तो सही है।
पंथ, सम्प्रदाय, मजहब अनेक हो सकते हैं,
किन्तु धर्म तो एक ही होता है.
यदि पंथ- सम्प्रदाय उस एक ईश्वर की उपासना के लिए
प्रेरणा देते हैं तो ठीक
अन्यथा शक्ति का बाना पहनकर सांप्रदायिकता को बढ़ावा देना
न धर्म...
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Frequently Asked Questions
What is the Upasana quote on this page saying?
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इस भावना को बल का चोला पहनाकर सांप्रदायिकता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना गलत बताया गया है, यह चेतावनी Shakti के सही और गलत इस्तेमाल पर Sakaratmak जैसे वचनों में भी झलकती है।
