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Sangat Shayari

Achchi sangat mil jaaye to aam bhi mithi dhoop jaisa lagta hai.

Sangat shayari mein khamosh sangat mein bhi khaas rishte banne ki baat milti hai, jahan alfaaz na ho phir bhi samvaad chalta rehta hai. Isi khamoshi mein Aksar shayari bhi padhein.

Sangat Shayari - Achchi Sohbat Ke Sher

जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है,
अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।

Jinakee sangat main khaamosh sanvaad hote hai,
Aksar vo rishte bahut hee khaas hote hain.

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अच्छी संगत बैठकर, संगी बदले रुप
जैसे मिलकर आम से मीठी हो गयी धुप

Achchhee sangat baithakar, sangee badale rup
Jaise milakar aam se meethee ho gayee dhup

Shayari by Nida Fazli

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कल देर रात तक दो रूहों ने संगत की थी

कल देर रात तक दो रूहों ने संगत की थी
फिर उसके बाद सारी मुश्किलें तमाम थीं

Kal der raat tak do roohon ne sangat kee thee
Phir usake baad saaree mushkilen tamaam theen

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Frequently Asked Questions

संगत शायरी किस विषय पर केंद्रित है?
संगत शायरी इस बात पर केंद्रित है कि सही साथ और सोहबत इंसान के रिश्तों व सोच को कैसे बदल देती है। “जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है, अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।” पंक्ति बताती है कि कुछ रिश्तों में बिना बोले भी गहरा जुड़ाव महसूस होता है - ऐसे ख़ास पल Aksar शायरी में भी मिलते हैं।
अच्छी संगत का असर किस तरह दिखाया गया है?
अच्छी संगत के असर को बड़ी खूबसूरती से दिखाया गया है - “अच्छी संगत बैठकर, संगी बदले रुप जैसे मिलकर आम से मीठी हो गयी धुप” में यह कहा गया है कि सही साथ मिलने पर कड़वे हालात भी मीठे लगने लगते हैं, ठीक वैसे जैसे तेज़ धूप में भी आम की मिठास घुल जाती है।
क्या संगत शायरी में भरोसे और साथ का भी ज़िक्र मिलता है?
हाँ, संगत का मतलब सिर्फ मेल-मिलाप नहीं बल्कि साथ पर टिका Bharosa भी है। “कल देर रात तक दो रूहों ने संगत की थी फिर उसके बाद सारी मुश्किलें तमाम थीं” पंक्ति दिखाती है कि सच्ची संगत मुश्किल घड़ी को भी आसान बना देती है, जब दो लोग एक-दूसरे के साथ भरोसे से खड़े होते हैं।
संगत शायरी किन अन्य भावनाओं से जुड़ी है?
संगत शायरी अक्सर चाहत, अपनेपन और कभी-कभी हार के बाद मिले सहारे से भी जुड़ जाती है। अगर आपको साथ और चाहत पर आधारित शायरी पसंद है तो Chaah शायरी देखें, और अगर मुश्किल वक़्त में साथी के महत्व पर लिखी पंक्तियाँ पढ़नी हों तो Haar शायरी भी पढ़ें।

Ek sher yahan achchi sangat ko rang badal dene wali dhoop jaisa bataata hai, to doosra do roohon ki raat ki sangat ke baad har mushkil tamaam ho jaane ki baat karta hai. Aage 2 Line aur Badal shayari bhi padhein.