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Aadhaar Shayari

Kabhi maa hi aadhaar hoti hai, kabhi Ram naam hi sahara.

Aadhaar shayari mein maa ko hi jagat ki palanhaar aur sabki raksha ka aadhaar maana gaya hai, ye bhakti se bhara ehsaas dil ko sukoon deta hai. Isi bhakti mein Bhagwan shayari bhi padhein.

Aadhaar Shayari - Sahara Aur Bharose Ke Sher

जगत पालनहार है माँ,
मुक्ति का धाम है माँ,
हमारी भक्ति का आधार है माँ,
सबकी रक्षा की अवतार है माँ..!

Jagat paalanahaar hai Maa ,
Mukti ka dhaam hai Maa !!
Hamari bhakti ka aadhaar hai Maa,
Sabki raksha kee avataar hai Maa !!

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मेरे जैसो का क्या होगा
शायरी आती नही आयुध भी थोड़ा है
बस राम नाम का आधार है
पर यह ही बहुत है !

Mere jaiso ka kya hoga
Shayari aati nahi aayudh bhee thoda hai
Bas raam naam ka aadhaar hai
Par yah hee bahut hai !!

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ईश्क को भी आधार से जोड दो ज़नाब...
ज़िन्हे मिल गया है दूबारा ना मिले...!!

Ishq ko bhi aadhaar se jod do zanaab...
Zinhe mil gaya hai doobaara na mile !!

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Frequently Asked Questions

मां को जीवन का सबसे मज़बूत आधार क्यों कहा गया है?
एक भावुक पंक्ति में कहा गया है, ‘जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ..!’ यह पंक्ति मां को संतान के जीवन और भक्ति की सबसे मज़बूत नींव यानी आधार के रूप में दर्शाती है, जो Bhagwan शायरी के भाव से भी जुड़ती है।
‘राम नाम का आधार’ पंक्ति में शायर किस विनम्रता की बात करता है?
‘मेरे जैसो का क्या होगा शायरी आती नही आयुध भी थोड़ा है बस राम नाम का आधार है पर यह ही बहुत है !’ यह पंक्ति दर्शाती है कि भले ही किसी के पास शब्दों का हुनर या साधन कम हो, ईश्वर के नाम का सहारा यानी आधार ही उसके लिए पर्याप्त है, जो Dharm शायरी के भाव से भी मेल खाती है।
‘इश्क को आधार से जोड़ दो’ पंक्ति का क्या अर्थ है?
‘ईश्क को भी आधार से जोड दो ज़नाब... ज़िन्हे मिल गया है दूबारा ना मिले...!!’ इस पंक्ति में आधार का मतलब एक मज़बूत, स्थायी नींव से है - यानी सच्चा इश्क़ भी उसी मज़बूत बुनियाद पर टिका होना चाहिए, जो एक बार मिल जाए तो दोबारा टूटे नहीं। यह भाव Janaab शायरी में भी देखा जा सकता है।
इस संग्रह में ‘आधार’ शब्द का समग्र भाव क्या है?
इस पूरे संग्रह में आधार को हर बार नींव या सहारे के अर्थ में इस्तेमाल किया गया है - चाहे वह मां का स्नेह हो, राम नाम की भक्ति हो, या इश्क़ की मज़बूती - हर जगह यह किसी चीज़ के मज़बूत आधार बनने की बात करता है, जो Ham शायरी के भावों से भी जुड़ता है।

Ek sher yahan shayari na aane par bhi Ram naam ke aadhaar ko hi kaafi bataata hai, to doosra ishq ko bhi aadhaar se jodne ka halka-fulka mazaak karta hai. Aage Dharm aur Ham shayari bhi padhein.