वो बुढ़ापे मे रिक्शा खींच रहा था
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वो बुढ़ापे मे रिक्शा खींच रहा था,
और खुदा औलाद देकर शर्मिंदा हो रहा था
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वो बुढ़ापे मे रिक्शा खींच रहा था,
और खुदा औलाद देकर शर्मिंदा हो रहा था
Vo budhaape me riksha kheench raha tha,
Aur khuda aulaad dekar sharminda ho raha tha
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