मुख़्तसर हुए पहले गुफ़्तगू के सिलसिले
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मुख़्तसर हुए पहले गुफ़्तगू के सिलसिले,
फिर खामोशी रफ्ता-रफ्ता सारे ताल्लुक निगल गई...!
Mukhtasar hue pahale guftagoo ke silasile,
Phir khaamoshee raphta-raphta saare taalluk nigal gaee...!
Today's Shayari
लूट लेते है अपने ही वरना गैरो को क्या पता कि !
ये दिल की दीवार कमजोर कहॉ से है...
Today's Joke
टीटी: ये विकलांग लोगों का डिब्बा है, तुम इसमें सफर नहीं कर सकते?
यात्री: पर मेरे साथ तो ये है।...
Today's Prayer
The only tears you shall shed from today will be tears of joy because the lord will keep performing wonders...
Prayer Of The Day