गिरा रही थी जिंदगी मुझे बार बार अलग अलग ठोकरों से
Popular Shayari Topics for You.
गिरा रही थी जिंदगी मुझे बार-बार अलग-अलग ठोकरों से,
बर्ताव कर रहा हो जैसे कोई मालिक अपने नौकरों से,
हिम्मत और हौसले को मैंने फिर भी अपनी बैसाखियाँ बनायीं
पहुँच गया सफलता की मंजिल पे
feelthewords.com
गिरा रही थी जिंदगी मुझे बार-बार अलग-अलग ठोकरों से,
बर्ताव कर रहा हो जैसे कोई मालिक अपने नौकरों से,
हिम्मत और हौसले को मैंने फिर भी अपनी बैसाखियाँ बनायीं
पहुँच गया सफलता की मंजिल पे
Gira rahee thee jindagee mujhe baar-baar alag-alag thokaron se,
Bartaav kar raha ho jaise koee maalik apane naukaron se,
Himmat aur hausale ko mainne phir bhee apanee baisaakhiyaan banaayeen
Pahunch gaya saphalata kee manjil pe
Today's Quote
We lived together as kids, and now we're taking care of each other as men.
Quote Of The DayToday's Joke
फेकू ने पप्पू से पूछा: 'मोहब्बत शादी से पहले करनी चाहिए या शादी के बाद?'
पप्पू ने कहा: 'कभी भी...
Today's Status
Life is perishable the quicker you consume it, the better it feels. Stop thinking, start living. Good morning!
Status Of The DayToday's Prayer
Speak in faith, and everything you declare shall be yours. No weapon formed against you shall prosper, and every tongue...
Prayer Of The Day